वाराणसी में मेयर सम्मेलन
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पीएम ने कहा कि शहर में मौजूदा संरचनाओं को नष्ट करना कोई रास्ता नहीं है, बल्कि कायाकल्प और संरक्षण पर जोर दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के लिए शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया और पूछा कि क्या उन शहरों को मान्यता देने के लिए नई श्रेणियां हो सकती हैं, जो सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों के साथ-साथ स्वच्छता हासिल करने के लिए सबसे अच्छा प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने महापौरों से इस संबंध में अपने शहरों के वार्डों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने को कहा। सुझाव दिया कि महापौरों को अपने शहरों का पता लगाना चाहिए और उनका जन्मदिन मनाना चाहिए। नदियों वाले शहरों को नदी महोत्सव मनाये जाने पर भी उन्होंने जोर देते हुए नदियों की महिमा को फैलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चलाएं अभियान
प्रधानमंत्री ने मेयरों से सिंगल यूज प्लास्टिक के खात्मे के खिलाफ अभियान को फिर से शुरू करने को कहा। उन्होंने कचरे से धन बनाने के तरीके तलाशने को कहा। पुणे एवं सूरत के महापौर ने अपने-अपने शहरों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। उसके बाद महापौरों का ग्रुप डिस्कशन भी हुआ।
वाराणसी में मेयर सम्मेलन
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प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें हमेशा मौजूदा योजनाओं को नए उपयोग के लिए इस्तेमाल करने और उन्हें आगे ले जाने के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने शहर की एनसीसी इकाइयों से संपर्क करने और शहरों की मूर्तियों को साफ करने के लिए समूह बनाने और आजादी का अमृत महोत्सव की भावना से व्यक्तित्वों पर भाषण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा। एक जिला एक उत्पाद का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापौरों से शहर में किसी विशिष्ट उत्पाद या स्थान द्वारा प्रचारित अपने शहरों की एक विशिष्ट पहचान के लिए जोर देने को कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापौरों से काशी के विकास के लिए अपने अनुभवों से सुझाव देने पर जोर देते हुए कहा कि मैं आपके सुझावों के लिए आभारी रहूंगा और मैं आपका पहला छात्र बनूंगा। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल अहमदाबाद के मेयर थे और देश उन्हें आज भी याद करता है। प्रधानमंत्री ने महापौरों से विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि मेयर का पद एक सार्थक राजनीतिक कॅरियर के लिए एक कदम हो सकता है, जहां आप इस देश के लोगों की सेवा कर सकते हैं।
महापौर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले सात वर्षों में काशी ने विकास के नए मापदंड स्थापित किए। सात वर्ष पहले जो लोग काशी आए वो आज काशी को नहीं पहचानते, क्योंकि 2014 के पहले काशी में बिना किसी प्लान के केवल अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए जो विकास होते थे, वो यहां के जनजीवन की व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर देते थे।
उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह धाम अपने आप में भारत के पुरातन संस्कृति एवं आदर्श को दर्शाता हैं। काशी में इस धाम के उद्घाटन के साथ ही अखिल भारतीय मेयर सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री के शहरी क्षेत्र के विकास की कड़ी हैं।
उन्होंने नगर निगम क्षेत्रों में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगरीय विकास को सुनिश्चित करने के साथ ही साथ लोगों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में भी सहायक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 60 नगर अमृत योजना में चिह्नित हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षानुसार 2030 तक देश 10 ट्रिलियन डॉलर इकोनामी बनाने में होने में सफल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के तहत शहरी गरीब लोगों के लिए एक करोड़ 14 लाख मकानों की स्वीकृति दी गई है।
54 लाख लोगों को उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 90 लाख आवास निर्माणाधीन है। 2022 तक प्रत्येक नागरिक को अपना पक्का आवास होने के प्रधानमंत्री के सपने को साकार किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि वाराणसी में हेरिटेज व स्मार्ट सिटी का यूनिक कंबीनेशन है, काशी स्मार्ट सिटी बनाने जा रही है।