सुनील चक्रपाल परिवार के साथ।
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खराब स्वास्थ्य व्यवस्था ने ली पति की जान
सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बिहड़ा में कार्यरत सुनील चक्रवाल ने भी पंचायत चुनाव के दौरान जान गंवा दी। पत्नी रंजना चक्रवाल के आंसू थम नहीं रहे। वह कहती हैं कि पति की मौत खराब स्वास्थ्य व्यवस्था की वजह से हुई है। सुनील 19 अप्रैल को प्राथमिक विद्यालय चित्रसेनपुर में पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात थे। चुनाव के दौरान वह बेहोश हो गए। जिसके बाद बूथ के बाहर उन्हें लिटाकर कर्मी मतदान कराने में जुट गए। उनकी हालत बिगड़ती रही, लेकिन मुझे सूचना नहीं दी गई।
शाम पांच बजे फोन पर बताया गया कि पति की तबीयत खराब है। आनन-फानन मतदान केंद्र पहुंची और उन्हें अस्पताल के लिए लेकर निकली, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। कई अधिकारियों को फोन किया, लेकिन मदद नहीं मिली। हारकर रात 10 बजे बीएचयू इमरजेंसी में उन्हें भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी। पति के सहयोगियों एवं विभाग के कई अधिकारियों को फोन लगाया, लेकिन वेंटिलेटर नहीं मिला। रंजना कहती हैं काश मतदान केंद्र पर बेहोश होने के बाद ही सूचना दे दी गई होती तो आज पति जिंदा होते। दोनों बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मेरी जिंदगी में पंचायत चुनाव, कोरोना और खराब स्वास्थ्य सुविधा ने जो खालीपन दिया है, वो कभी भर नहीं सकता।
सुनील की पत्नी रंजना चक्रवाल ने बताया कि मृतक आश्रित कोटे से तृतीय श्रेणी के लिए आवेदन किया था। लेकिन नियमों के अनुसार मुझे चतुर्थ श्रेणी के तहत ही नौकरी देने का प्रावधान है। बेसिक शिक्षा मंत्री के कल के निर्देश पर फिर से आवेदन की इच्छा शिक्षक संगठनों के माध्यम से उठाई है।