हादसे की सूचना पाकर नगर निगम के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी एस राजलिंगम पहुंचे। उन्होंने कहा कि तत्काल मलबा हटाया जाए और गंगा के जलस्तर में कमी को देखते हुए घाटों की साफ-सफाई शुरू की जाए।
जलस्तर बढ़ा होने के कारण नीचे लोग नहीं मौजूद थे
गंगा का जलस्तर इन दिनों बढ़ा हुआ है। इसके चलते गंगा घाटों का संपर्क एक-दूसरे से टूटा हुआ है। इसी वजह से कर्नाटक स्टेट गेस्ट हाउस के नीचे घाट पर दुकानें नहीं लगी थी और न लोग बैठे थे। अन्यथा कई लोग दीवार के मलबे के चपेट में आ जाते। हादसे के समय गेस्ट हाउस के बगल में हरिश्चंद्र घाट के ऊपर गुमटी में कल्लू चाय बना रहा था। कल्लू की गुमटी पर जूना अखाड़ा के साधु श्याम गिरी व वैशाख गिरी चाय पी रहे थे। दोपहर लगभग एक बजे अचानक तेज आवाज के साथ गेस्ट हाउस की दीवार भहराई तो तीनों उसके मलबे की चपेट में आ गए।
हादसे की सूचना पाकर स्थानीय पार्षद राजेश यादव चल्लू के साथ कैंट के भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने एडीएम सिटी से कहा कि जहां दीवार गिरी है वहां बोल्डर डलवा दें। ताकि, बिल्डिंग के अन्य हिस्से की दीवार में नीचे गंगा के पानी के कारण कटान न होने पाए। इसके साथ ही हरिश्चंद्र घाट पर रिटेनिंग वॉल बनवा कर निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा।
वहीं, गेस्ट हाउस में शनिवार को कर्नाटक का एक ही श्रद्धालु ठहरा था और वह पिंडदान करने गया था। गेस्ट हाउस प्रबंधन की ओर से उसे फोन कर कमरा खाली करने के लिए कहा गया है। वहीं, गेस्ट हाउस के मैनेजर अरुण कुमार ने हादसे के संबंध में कर्नाटक सरकार को सूचना दी है। बताया कि जल्द ही कर्नाटक से अधिकारियों और भवन निर्माण विशेषज्ञों का एक दल काशी आएगा। उसके बाद मरम्मत या निर्माण कार्य के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।