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Varanasi News: ड्रग वेयर हाउस को भेज दिया 1550 लीटर खराब सैनिटाइजर, नमूनों की जांच में मिली गड़बड़ी

Mon, 22 Apr 2024 09:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: जब भी कोई चिकित्सकीय सामग्री (दवाइयां, सैनिटाइजर आदि) ड्रग वेयर हाउस पर आती है तो उसकी सैंपलिंग की जाती है, फिर डाक के माध्यम से गुणवत्ता जांच के लिए लखनऊ भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही अस्पतालों में उसकी सप्लाई की जाती है।
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सैनिटाइजर गुणवत्ता मानक पर फेल - फोटो : istock
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विस्तार
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रामनगर स्थित मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के ड्रग वेयर हाउस में लखनऊ से खराब सैनिटाइजर भेज दिया गया। 1550 लीटर सैनिटाइजर गुणवत्ता मानक पर फेल हो गया है। रिपोर्ट आने के बाद आनन- फानन में दो ट्रकों से सैनिटाइजर का गैलन रामनगर से वापस भेज दिया गया।

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जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जरूरत पड़ने पर कॉरपोरेशन के वेयरहाउस से चिकित्सकीय सामग्री मंगवाई जाती है। कुछ माह पहले ही लखनऊ स्थित मेडिकल कॉरपोरेशन से पांच-पांच लीटर के 310 गैलन सैनिटाइजर (1550 लीटर) वाराणसी भेजा गया था। इसकी जांच कराई गई। नमूने भरकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए। अब जांच रिपोर्ट सामने आई तो गोलमाल का खुलासा हुआ है। पता चला कि खराब सैनिटाइजर भेज दिया गया है।

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नहीं होती जांच तो संक्रमण का बढ़ जाता खतरा

मेडिकल कॉरपोरेशन से आने वाली चिकित्सकीय सामग्री की दोबारा जांच कराई गई। अगर ऐसा नहीं होता और लखनऊ से आया सैनिटाइजर अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर चला गया होता। इसका इस्तेमाल किया जाता तो संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता। क्योंकि डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी करने, मरीज की जांच करने, उसका प्लास्टर करने सहित अन्य चिकित्सकीय कामकाज के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं।

किराये पर चलता है ड्रग वेयर हाउस
रामनगर में चलने वाला ड्रग वेयर हाउस किराये के भवन में लंबे समय से चल रहा है। हालांकि जल्द ही इसे शिवपुर में बने आधुनिक ड्रग वेयर हाउस में शिफ्ट किया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही इसे शिवपुर शिफ्ट कर दिया जाएगा।

बोले अधिकारी
मेडिकल कॉरपोरेशन के ड्रग वेयर हाउस से स्थानीय स्तर पर सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर तभी सामान लिए जाते हैं, जब संबंधित सामान की गुणवत्ता जांचकर उसकी सही रिपोर्ट आती है। कॉरपोरेशन के संचालन लखनऊ से होता है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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