मेडिकल कॉरपोरेशन से आने वाली चिकित्सकीय सामग्री की दोबारा जांच कराई गई। अगर ऐसा नहीं होता और लखनऊ से आया सैनिटाइजर अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर चला गया होता। इसका इस्तेमाल किया जाता तो संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता। क्योंकि डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी करने, मरीज की जांच करने, उसका प्लास्टर करने सहित अन्य चिकित्सकीय कामकाज के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हैं।
किराये पर चलता है ड्रग वेयर हाउस
रामनगर में चलने वाला ड्रग वेयर हाउस किराये के भवन में लंबे समय से चल रहा है। हालांकि जल्द ही इसे शिवपुर में बने आधुनिक ड्रग वेयर हाउस में शिफ्ट किया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही इसे शिवपुर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बोले अधिकारी
मेडिकल कॉरपोरेशन के ड्रग वेयर हाउस से स्थानीय स्तर पर सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर तभी सामान लिए जाते हैं, जब संबंधित सामान की गुणवत्ता जांचकर उसकी सही रिपोर्ट आती है। कॉरपोरेशन के संचालन लखनऊ से होता है। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ