चनारिक ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण भीख मांगना भी बंद है। ट्रेजरर नगीना देवी, मुखिया हीरामणि व सचिव मालती देवी ने बताया कि लॉकडाउन के पहले बैंक में एक लाख 20 हजार जमा थे। लेकिन महामारी के कारण भीख नहीं मिलने के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया।
इसके बाद समिति के निर्णय पर लॉकडाउन में घर चलाने के लिए सदस्यों को पांच से सात हजार रुपये लोन के रूप में दे दिए गए। जब मंदिर में श्रद्धालु आने लगेंगे और काम ठीक-ठाक चलने लगेगा, तो घीरे-घीरे पैसे वापस लिए जाएंगे। चनारिक ने बताया कि मंगला बैंक का अकाउंट खाली हो गया है। आपात स्थिति के लिए 2200 रुपये बचा कर रखे गए हैं।