मूल पिता और पालने वाले माता-पिता की बात को सुनते हुए मंडुवाडीह थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने मासूम बेटे को बाल कल्याण समिति को सौंपा। थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि सोमवार को समिति के समक्ष दोनों को बुलाया गया है, वहीं तय होगा। मासूम बेटे के असली पिता ने तीन साल में एक या दो बार संपर्क किया, वहीं बेटा उसे पहचानता तक नहीं है। पालने वाले माता-पिता के साथ ही बेटा सहज महसूस कर रहा है।