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यूपी: हाथी के हमले में घायल महावत की मौत, काटना पड़ा था पैर; चार साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया

Sat, 24 Oct 2026 05:15 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

रामनगर की रामलीला में 18 अक्तूबर को हाथी के हमले में घायल महावत घपलू नट की गुरुवार रात आजमगढ़ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। संक्रमण फैलने के कारण डॉक्टरों को उसका बायां पैर काटना पड़ा था। चार साल के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार में कोहराम मचा है।
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घायल महावत छापलू और उत्पाद मचाता हाथी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रामनगर की रामलीला में हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल महावत घपलू नट उर्फ छपलू (निवासी विशुनपुर, तहबरपुर, आजमगढ़) की गुरुवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में उसने अंतिम सांस ली। संक्रमण फैलने के कारण डॉक्टरों को उसका बायां पैर भी काटना पड़ा था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक का माहौल है।

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आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के असवनिया गांव निवासी यशवंत सिंह उर्फ शिवली सिंह के हाथी की देखरेख घपलू नट करता था। नवरात्र के दूसरे दिन वह हाथी लेकर रामनगर की रामलीला में शामिल होने आया था। 18 अक्तूबर की सुबह करीब 10 बजे वह हाथी को नहलाने के लिए तालाब की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान हाथी अचानक बेकाबू हो गया। उसने घपलू को सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरे महावतों ने किसी तरह उसे हाथी से बचाया।

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चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था घपलू
घायल घपलू को 18 अक्तूबर को बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद 20 अक्तूबर को परिजन उसे वहां से लाकर आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए। संक्रमण फैलने के कारण 21 अक्तूबर को डॉक्टरों को उसके बाएं पैर को कूल्हे के पास से काटना पड़ा। इसके बावजूद संक्रमण पूरे शरीर में फैलता गया और 22 अक्तूबर की रात उसकी मौत हो गई।

घपलू चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसके चार साल के बेटे इसराइल के सिर से पिता का साया उठ गया। उसके छोटे भाई की शादी भी तय थी। परिवार में पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। घपलू की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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