महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष पूजा
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13 फरवरी से लेकर 13 मार्च के बीच 23 दिन तक मंगला आरती के ऑनलाइन टिकट उपलब्ध नहीं हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ ट्रस्ट की वेबसाइट पर बुकिंग हाउसफुल दिख रही है। वहीं, इस बीच छह दिन ऐसे हैं जिस दिन मंगला आरती की ऑनलाइन बुकिंग निलंबित की गई है। इनमें महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी और होली पड़ रही है। 13 मार्च के बाद की बुकिंग 12 फरवरी को खुलेगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बनने से पहले 2017 की महाशिवरात्रि पर 700 ने मंगला आरती और करीब दो लाख भक्तों ने दर्शन किए थे। लोकार्पण से पहले 11 मार्च 2021 में महाशिवरात्रि पर 1100 भक्तों ने मंगला आरती और ढाई लाख ने दर्शन किए थे। वहीं, कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद 2022 में शिवरात्रि पर एक ही दिन में छह लाख भक्तों ने दर्शन कर लिए थे।
महाशिवरात्रि पर टेढ़ीनीम से बाबा विश्वनाथ सिगोंल (दंड) के साथ राजसी ठाठ-बाट में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। नवरत्नों से सुसज्जित छत्र और नवग्रह की काष्ठ से बने सिंहासन पर विराजमान होकर महादेव नगर घूमेंगे। वर्ष में चार बार भ्रमण पर निकलने वाले बाबा विश्वनाथ के महाशिवरात्रि का नगर भ्रमण सबसे अलग और विशिष्ट माना जाता है। इस दिन काशीपुराधिश्वर माता गौरा के बिना, अकेले राजसी स्वरूप में अपने अड़भंगी भक्तों और गणों के साथ दिखाई देते हैं। यह परंपरा शिव के वैराग्य, तप और दांपत्य भाव के अनूठे संतुलन को दर्शाती है। शिवाजंली के संयोजक संजिव रत्न मिश्र ने बताया इस वर्ष काशी की ऐतिहासिक शिव-बारात में काशीपुराधिश्वर का प्रतीकात्मक चल स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।