एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने बुधवार को विधान परिषद में मणिकर्णिका घाट और दालमंडी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दालमंडी पूर्वांचल का सबसे बड़ा बाजार है। गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत प्रतीक है, जहां सभी जाति-धर्म के लोग एक साथ ईद, बकरीद, होली और दिवाली मनाते हैं। सैकड़ों वर्ष पुरानी दुकानों और मकानों में रहने वाले छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट आ गया है। यदि विकास आवश्यक था, तो वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध करानी चाहिए थीं, न कि किसी विशेष समुदाय को अपमानित कर वोट बैंक की राजनीति करनी चाहिए।