अनुबंधित बस चालकों और परिचालकों की कोई निगरानी नहीं होती है। सिर्फ लाइसेंस के आधार पर मोटर मालिक नौकरी पर उन्हें रख लेते हैं। सिविल लाइंस डिपो की बस से युवती की मौत मामले में छानबीन में सामने आया कि अनुबंधित बस चालक का सिर्फ लाइसेंस ही चेक किया गया। अन्य किसी तरह का चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हुआ।