कोयला व्यवसायी और तत्कालीन विहिप नेता नंद किशोर रुंगटा के भाई महावीर प्रसाद रुंगटा को धमकाने के मामले में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी नहीं हो सकी। इसलिए विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए कोर्ट) उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को करने का फैसला किया।
मुख्तार अंसारी को पेशी गुरुवार को किसी दूसरी कोर्ट में थी, इसलिए बयान दर्ज कराने के लिए उसे वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये पेश नहीं किया जा सका। दरअसल, रवींद्रपुरी कॉलोनी निवासी कोयला व्यवसायी नंद किशोर रुंगटा का 22 जनवरी 1997 को अपहरण किया गया था। अपहरण कांड की विवेचना चल रही थी।
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एक दिसंबर 1997 को दर्ज हुआ था मुकदमा
पांच नवंबर 1997 की शाम नंद किशोर रुंगटा के भाई महावीर प्रसाद रुंगटा को फोन पर धमकी दी गई कि अपहरण कांड में पुलिस या सीबीआई में पैरवी न करें। पैरवी करने पर बम से उड़ा दिया जाएगा। महावीर प्रसाद की तहरीर पर एक दिसंबर 1997 को भेलूपुर थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया था।