भक्तों को खजाना वितरित करते महंत रामेश्वर पुरी
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दायीं ओर मां लक्ष्मी और बायीं तरफ भूदेवी का स्वर्ण विग्रह है। इस दरबार के दर्शन वर्ष में सिर्फ चार दिन धनतेरस से अन्नकूट तक ही होते हैं। इसमें पहले दिन धान का लावा, बतासा के साथ मां के खजाने का सिक्का प्रसाद स्वरूप वितरित किए जाने की पुरानी परंपरा है।
कोरोना संक्रमण के कारण कम रही भक्तों की संख्या
कोरोना संक्रमण के कारण मां अन्नपूर्णा के दरबार में इस बार भक्तों की संख्या बेहद कम रही। दोपहर 12 बजे के बाद बैरिकेडिंग पूरी तरह से खाली हो गई थी। स्थानीय और आसपास के जिलों के ही भक्त इस बार माता के दर्शन के लिए आए थे। हालांकि बुधवार की शाम से ही भक्त कतार में लग गए थे, लेकिन 11 बजे तक बांसफाटक, चौक क्षेत्र में लगाई गई बैरिकेडिंग पूरी तरह से खाली हो गई। बस इक्का-दुक्का भक्त ही दर्शन करने पहुंच रहे थे।
बैरिकेडिंग में भूले सोशल डिस्टेंसिंग
माता के दर्शन के लिए भक्त उत्साह में बैरिकेडिंग में शारीरिक दूरी का पालन करना भूल गए। सुरक्षा कर्मियों और वालंटियर के समझाने के बाद भक्तों ने दूरी बनाई। वहीं, मंदिर में शारीरिक दूरी और थर्मल स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था।