Summer Vacation 2024: गर्मी की छुट्टियों को लेकर अधिकतर घरों में वेकेशन की तैयारियां होने लगी हैं। ऐसे में ट्रेनों की लेट-लतीफी उनके लिए समस्या बन गई है। महानगरी, पवन, कामायनी और एलटीटी-बनारस, एलटीटी-जयनगर समेत अन्य ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी मची हुई है।
गर्मी की छुट्टी में परदेस से घर लौटने वालों की राह रेलवे के जरिये आसान नहीं है। अप्रैल से लेकर मई और एक जून यानी लोकसभा चुनाव के दिन तक मुंबई, सूरत, अहमदाबाद से काशी लौटने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। वहीं, ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेनें भी फुल हो गईं। ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल का सहारा है या फिर टिकट दलालों के चक्कर काटने का।
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कैंट स्टेशन स्थित मुख्य आरक्षण केंद्र के पर्यवेक्षकों ने बताया कि मुंबई से वाराणसी लौटने वाली ट्रेनों में सीटें नहीं मिल रही हैं। सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग है। मुंबई से वाराणसी आने वाली अप्रैल माह की ट्रेनों में तो 300 के ऊपर वेटिंग है। वहीं, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-जयनगर और एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में तो सीटें रिग्रेट हो चुकी हैं।
अब इसमें वेटिंग भी नहीं ले सकते हैं। कामायनी एक्सप्रेस के एसी में 300, एसी में 100 के ऊपर वेटिंग चल रहा है। एलटीटी-बनारस के स्लीपर में 300, एसी में 150 के ऊपर वेटिंग है।
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महानगरी, पवन, कामायनी और एलटीटी-बनारस, एलटीटी-जयनगर समेत अन्य ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी मची हुई है। सूरत से कैंट आने वाली ताप्ती गंगा और उधना-बनारस एक्सप्रेस के सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है। एक जून तक अहमदाबाद से कैंट आने वाली अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस के स्लीपर में 25 वेटिंग, एसी में भी 20 के ऊपर वेटिंग है। कामाख्या एक्सप्रेस की भी यही हालत है।
स्पेशल भी फेल, लंबी वेटिंग से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
अप्रैल में ही मुंबई से वाराणसी के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन दादर-बलिया के स्लीपर क्लास में 250 के ऊपर वेटिंग है। दादर-गोरखपुर स्पेशल के स्लीपर में 233 वेटिंग पहुंच गया है। एसी में भी राहत नहीं है। एलटीटी-बनारस साप्ताहिक ट्रेन में भी 100 के ऊपर वेटिंग है। जून तक यात्रियों को इन ट्रेनों में राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।