लोकसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव वाराणसी पहुंचे। इनेके साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एक जनसभा को संबोधित किया। इसके पहले मोहन यादव सीर गोवर्धन स्थित रविदास जी के मंदिर में मत्था टेका। सांसद मनोज तिवारी भी वाराणसी में मौजूद हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर सभी नेता वाराणसी में आयोजित जनसभाओं में हिस्सा लेंगे।
नगवा स्थित बीएचयू के प्रो. कौशल किशोर मिश्रा और भारती मिश्रा के घर आवास पर नारी शक्ति संवाद कार्यक्रम में शामिल मोहन यादव ने काशी की साहित्यकार, शिल्पकार, लेखक से जुड़ी महिलाओं से रूबरू हुए। सीएम का स्वागत महिलाओं ने पुष्पगुच्छ देकर दिया। सीएम ने नारी को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को बताया और प्रधानमंत्री को काशी में भारी मतों से विजयी बनाने के लिए आवाहन भी किया।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ भारती मिश्रा सहित ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा देश में तीसरी बार मोदी जी की सरकार में बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
भारती मिश्रा ने बताया कि उन्होंने महिलाओं से पूछा कि आप किस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को मतदान देगी महिलाओं ने बताया कि हम महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण, गरीब को घर आवास सहित विभिन्न मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मतदान करेंगे। इस दौरान सुनीता डोंगरे, सुनीति शुक्ल, नीरजा माधव, सरिता मिश्रा, ममता द्विवेदी, स्वस्ति, प्रतिभा सिंह आदि शामिल रही।
उनकी सुरखा को लेकर प्रशासनिक अमला दुरुस्त रहा। भाजपा के दोनों नेताओं का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा दिया। मंत्रियों और विधायकों ने उनका स्वागत किया। सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर पहुंचे मोहन यादव का नगाड़ा बजाकर स्वागत किया गया। उन्होंने संत रविदास के मंदिर में शीश नवाया। मंदिर प्रशासन ने उनको प्रसाद भेंट किया। संत रविदास के प्रतिमा की परिक्रमा करके बाहर निकले तो महिलाओं ने सेल्फी लेने की होड़ दिखी। सीएम ने सभी का अभिवादन स्वीकार कर जनसभा स्थल की ओर रवाना हो गए।
उप्र की राज्यपाल पहुंची विश्वनाथ मंदिर, बाबा दर्शन कर अन्नपूर्णा दरबार मे शीश नवाया
इसी क्रम में यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल अपने बेटी संग विश्वनाथ मंदिर पहुंचीं। उन्होंने विधि-विधान से बाबा का दर्शन-पूजन कर पहुंची आशीर्वाद लिया। अन्नपूर्णा मंदिर में अर्चक ने माता का पूजन करवाया। माता की आरती उतारी फिर मंदिर महंत शंकरपुरी से मुलाकात की।
महंत जी ने मंदिर द्वारा किये जा रहे समाजिक कार्यों के बारे मे बताया। जाते समय माता की चुनरी व स्मृति चिह्न राज्यपाल को भेंट किया।