तबीयत बिगड़ने की आशंका के चलते हॉस्टल संचालकों ने एंबुलेंस बुलवा ली। हालांकि तब तक कई छात्रों को पास स्थित हेल्थ सेंटर पहुंचाया गया। जहां उन्हें दवा देकर काफी देर तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। वहीं छात्रों की मांग पर वार्डेन ने डालमिया हॉस्टल के मेस और कैंटीन को फिलहाल बंद करवा दिया गया। इस दौरान एडमिन वार्डेन प्रो. राजीव भाटला, वार्डेन डॉ. राघव मिश्रा और डॉ. समरेंद्र सिंह आदि पहुंच गए। नाराज छात्रों को समझाना शुरू किया।
आरोप- एक ही तेल में बनता है वेज और नॉन वेज
वार्डेन डॉ. राघव मिश्रा को ज्ञापन देकर विरोध जताते हुए छात्रों ने कहा कि मेस संचालक कैंटीन भी चला रहा है, जिससे खाने की गुणवत्ता बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वेज और नॉन वेज एक ही तेल में बनाया जाता है। बर्तन भी अच्छे से साफ नहीं होते हैं। छात्रावास में टॉयलेट समय पर साफ नहीं होते।
छात्रों ने पीने के पानी की भी कई समस्याएं गिनाईं। वार्डेन ने छात्रों से कहा कि वाटर कूलर की समस्या नहीं है लेकिन नीचे रखे एक वाटर कूलर को किसी छात्र ने लात मारकर तोड़ दिया था, जिसके बाद उसे मेस के अंदर रखवा दिया गया। साथ ही अन्य समस्याओं को भी जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया।