दृश्य- एक
लंका-सामनेघाट मार्ग स्थित हेरिटेज मोड़ के पास ही शिव और हनुमान मंदिर हैं। मंदिर परिसर की दीवार से सटकर देसी शराब का ठेका खोला गया है। बगल में गर्ल्स हॉस्टल भी संचालित होता है। यहां छात्राओं के साथ ही मंदिर आवाजाही करने वाली महिलाओं से नशेड़ी अभद्रता भी करते हैं।
दृश्य- दो
कमच्छा-भेलूपुर मार्ग पर सीएम एंग्लो बंगाली इंटर काॅलेज से महज 20 कदम की दूरी पर शिव मंदिर है। मंदिर के पास ही अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान खुली है। स्कूल, मंदिर के पास संचालित इस ठेके के चलते शराबियों का अक्सर जमावड़ा रहता है।
दृश्य-तीन
सामनेघाट मुख्य मार्ग पर हनुमान मंदिर के ठीक सामने अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें हैं। शाम ढलते ही सड़क किनारे चार पहिया और ऑटो रिक्शा लगाकर शराब पीने और पिलाने का दौर शुरू होता है। आसपास इलाकों में नशे में शराबी उत्पात भी मचाते हैं।
दृश्य-चार
तेलियाबाग स्थित चौरा माता मंदिर के सामने अंग्रेजी शराब की दुकान है। बगल में मेडिकल स्टोर और कुछ ही दूरी पर धर्मस्थल भी है। इस दुकान के बाहर भी ऑटो, ई-रिक्शा में बैठकर शराब का सेवन किया जाता है। कुछ ही दूरी पर आगे बढ़े तो कैलगढ़ काॅलोनी मोड़ पर ही बीयर का ठेका है। ठीक बगल में हनुमान मंदिर भी है। सामने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय है।
किसी भी क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने से पहले मुनादी करवाना और नोटिस चस्पा कराना अनिवार्य होता है। यदि क्षेत्र की जनता विरोध करती है तो वहां दुकानें नहीं खोली जा सकती। बीयर-शराब की दुकान के 50 मीटर के दायरे मंदिर या अन्य कोई भी धर्मस्थल नहीं होना चाहिए। स्कूल नहीं हाेना चाहिए। सेक्टर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर दुकानों के खोले जाने की अनुमति जिला आबकारी अधिकारी देते हैं।
हाईवे किनारे होटल और ढाबों में छलकता है जाम
हाईवे से लेकर रिंग रोड किनारे के होटलों, ढाबों पर अवैध तरीके से शराब पिलाई जाती है। शहर के अंदर भी कई होटल, गेस्ट हाउस ऐसे हैं जो बिना बार लाइसेंस के मयखाना चलवा रहे हैं। आबकारी के सेक्टर इंस्पेक्टर को भरोसे में लेकर यह कृत्य चल रहा है। सुंदरपुर मार्ग पर दो से तीन होटलों में जिनके पास लाइसेंस नहीं है वह भी चोरी छिपे शराब व बीयर पिला रहे हैं। रिंग रोड किनारे खुले होटल, गेस्ट हाउस में यह आम हो चुका है।
शराब और बीयर के शौकीनों की पहली पसंद रविंद्रपुरी की सड़क बनी हुई है। शाम ढलते ही मदिरा के शौकीन रविंद्रपुरी में कार को ही बार बना ले रहे हैं। लंका से रविंद्रपुरी की ओर बढ़ते ही ठेकों से शराब लेने के बाद रविंद्रपुरी की दोनों तरफ की सड़क और काॅलोनियों में कार खड़ी करते जाम लड़ाते हैं।
एक नजर
- 381 देसी शराब की दुकानें
- 184 अंग्रेजी शराब की दुकानें
- 164 बीयर की दुकानें
- 13 मॉडल शॉप
- 91 भांग की दुकानें
अधिकारी बोले
न्यास से पंजीकृत मंदिरों को ही मानक में माना जाता है। किसी ऐसे मंदिर के 50 मीटर के दायरे में दुकान नहीं है। स्कूलों के मानक का भी ख्याल रखा जाता है। कहीं नियम विरुद्ध दुकानें चल रही हैं तो उन्हें शिफ्ट कराया जाएगा।
- ओमवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, वाराणसी