Varanasi News : सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले से अधिवक्ताओं से उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसीपी कैंट ने ले लिया था। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही इस पर विचार किया जाएगा।
वाराणसी में निबंध मित्र की तैनातगी को लेकर अधिवक्ताओं ने सोमवार को हो-हल्ला मचाया। स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमारे साथ साैतेला व्यवहार किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में सैकड़ों वकीलों ने विरोध जताया। सूचना मिलते ही माैके पर एसीपी कैंट विदुष सक्सेना ने पुलिस फोर्स के साथ अधिवक्ताओं को रोक दिया और पत्रक ले लिया था।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश में पहली बार बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खोलने के लिए निबंधन मित्र की नियुक्ति होगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। निबंधन मित्र रजिस्ट्री और प्रापर्टी संबंधी दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। इससे पहले उन्हें सरकार की तरफ से प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर यूनीक आईडी नंबर के साथ लाइसेंस दिया जाएगा। एक रजिस्ट्री का पेपर तैयार करने की फीस दो हजार रुपये तय करने का प्रस्ताव है।
वहीं, गलत डीड के लिए जवाबदेही भी होगी। इस प्रस्ताव से न्यूनतम 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। इनमें महिलाओं की अच्छी संख्या होने की उम्मीद है। देश में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग होगा।
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वर्तमान में रजिस्ट्री की डीड करने के लिए तीन विकल्प हैं। आवेदक स्वयं स्टांप डीड तैयार करे।
किसी अधिवक्ता की मदद से डीड बनाए या फिर डीड राइटर से रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार कराए। अब सरकार निबंधन मित्रों के रूप में चौथा विकल्प देगी। सूत्रों के मुताबिक संबंधित प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा।