बाबा विश्वनाथ को भोग प्रसाद अर्पित करने वाली दक्षिण भारत की एक प्रतिष्ठित सोसायटी की करीब सवा एकड़ जमीन पर दबंग ने 19 साल से कब्जा कर रखा था। सोसायटी के लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त को की थी।
श्री काशी विश्वनाथ को भोग और पुष्प अर्पित करने वाली दक्षिण भारत की सोसाइटी श्री काशी नाटकोंट्टई नगर क्षतरम की 240 करोड़ रुपये कीमत की 62 हजार वर्गफीट जमीन सिगरा पुलिस ने रविवार को कब्जा मुक्त कराया। करीब 19 साल से कब्जा वाली इस जमीन को दबंगों से मुक्त कराने के लिए सोसाइटी के लोगों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। पुलिस की मदद से कब्जामुक्त होने के बाद वहां सोसाइटी के लोगों ने पूजा पाठ भी किया।
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दरअसल, सोसाइटी के लोगों ने पिछले दिनों पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश से मिलकर शिकायत की थी कि वर्ष 2003 में अवैध एग्रीमेंट के जरिए कुछ लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया। पुलिस जांच में पुलिस आयुक्त ने एडीसीपी वरुणा को टीम के साथ तत्काल मौके पर भेजा।
सपा नेता ने किया था कब्जा
दबंग ने इस मंदिर/बाग के प्रवेश द्वार के पास दीवार बनाकर सोसाइटी के लोगों के आने-जाने का रास्ता ही रोक दिया था। पुलिस ने दीवार को हटावा कर रास्ता बनाकर दरवाजे की चाबी सोसायटी के जिम्मेदारों को सौंपी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर के बीचोबीच सिगरा के महमूरगंज इलाके की करीब 200 करोड़ रुपये की भूमि पर शिव मंदिर और फूलों का बाग है।
सोसाइटी द्वारा बाबा विश्वनाथ को 209 वर्षों से भोग प्रसाद अनवरत चढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिवपुर से चुनाव लढ़ चुके सपा नेता और उसके भाई ने कब्जा किया था। मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।