बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में पहुंचे पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया था। तभी से माना जा रहा था कि लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी निरीक्षक पर कार्रवाई होगी। हालांकि पुलिस महकमे में यह चर्चा है कि लाइन हाजिर कोई सजा नहीं है। आजमगढ़ के मेहनगर स्थित पवई खुर्द निवासी यशवंत सिंह के परिजनों में इंस्पेक्टर के प्रति काफी आक्रोश है।
लालपुर-पांडेयपुर थाने का अजीब है संयोग
कैंट थाने के कुछ हिस्से को काटकर बने लालपुर-पांडेयपुर थाने का अजीब संयोग है। एक जून 2020 को खुले थाने में अब तक यहां जो भी प्रभारी रहा, वह या तो लाइन हाजिर हुआ या फिर निलंबित किया गया। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह को लेकर अब तक तीन प्रभारियों को यहां लापरवाही और अनुशासनहीनता पर ही हटाया गया। इस बात की भी चर्चा पुलिस महकमे में होती रही।
थाने का सृजन होने पर नए थानेदार तैनात हुए धनंजय पांडेय को निलंबित किया गया था। थाना प्रभारी स्तर से शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से क्षुब्ध एक व्यक्ति ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी और बीएचयू के एक प्रोफेसर से दुर्व्यवहार मामले में तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने निलंबित करते हुए धनंजय पांडेय के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी थी।
इसके बाद वेद प्रकाश राय को थाने की कमान सौंपी गई। हालांकि यह भी कुछ माह थाने का काम संभाले और 22 नवंबर 2020 को तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने अनुशासनहीनता और लापरवाही मामले में वेद प्रकाश राय को निलंबित कर दिया।
13 नवंबर की रात घड़ी व्यवसायी श्याम बिहारी मिश्र की गोइठहां में गोली मारकर हत्या और अन्य एक महिला पर फायरिंग मामले में एसएसपी अमित पाठक को प्रथम दृष्टयता इंस्पेक्टर वेद प्रकाश राय की लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद सुधीर कुमार सिंह को थाने की कमान मिली और लगभग डेढ़ साल के बाद यह भी लाइन हाजिर हो गए। वर्तमान में धनंजय पांडेय सिगरा और वेद प्रकाश राय लंका थाना प्रभारी निरीक्षक हैं।