वाराणसी। औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन कार्य प्रभावित हो गया है। अधिकतर इकाइयों में श्रमिकों व कामगारों के नहीं होने से दिक्कतें आ रही हैं। खास कर खाद्य पदार्थ से जुड़ी इकाइयों में श्रमिकों की कमी है। लगभग 50 फीसदी तक उत्पादन कम हो गया है। दुकानों के बंद होने और तीन दिन बंदी के चलते व्यापारियों की ओर से माल का ऑर्डर नहीं मिल रहा है। होली के पहले भेजे गए माल की पूंजी फंस गई है। उद्यमियों को भुगतान नहीं हो रहा है। इस वजह से उद्यमी उत्पादन पर जोर नहीं दे रहे हैं।
उद्यमियों के अनुसार, 10 से 12 राज्यों में लॉकडाउन जैसी स्थिति में बिके माल का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऑर्डर भी रोजाना निरस्त हो रहे हैं। दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया व महासचिव नीरज पारिख ने बताया कि इकाइयों में श्रमिक व कामगार कार्य करने को तैयार नहीं है। लगातार उनकी संख्या कम हो रही है। पहले का भुगतान भी फंसा हुआ है। बाजार खुल नहीं रहे हैं तो ऑर्डर भी रद हो रहे हैं। लगभग सभी इकाइयों में यही हाल है। सरकार से राहत की दरकार है। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्या ने बताया कि बिहार-झारखंड के कामगार व श्रमिक होली पर घर गए तो वापस आने को तैयार नहीं है। जो लौटे हैं उनकी संख्या बहुत कम है।