‘गए दिनों का सुराग लेकर कहां से आया किधर गया वो/अजीब मानुष अजनबी था हमें तो हैरान कर गया वो...।’ मणिकर्णिका महाश्मशान पर तबला वादक पं. लच्छू महाराज की चिता को मुखाग्नि दिए जाने के बाद इस शेर के जरिए उनको संगीतांजलि अर्पित की गायक शमशेर मेहंदी ने। लच्छू महाराज से जुड़े कई खास अनुभव साझा करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।
उन्होंने बताया कि जल्द ही दिल्ली में लच्छू महाराज की याद में संगीत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए गुरुकुल खोलने की भी तैयारी है। शमशेर ने बताया कि कम लोगों को पता होगा कि पं. लच्छू महाराज शायर भी थे। वह कविताएं भी खूब लिखते थे। वह बड़े साधक के साथ ही अच्छे इंसान भी थे।
शमशेर ने बताया कि 30 साल पहले उनसे मैंने तबला सीखना शुरू किया था। जब भी बनारस आता था तब ‘किराया है या नहीं..’, गुरु जी हमेशा पूछते थे। वह जाते समय जेब में किराये की रकम जरूर रख देते थे। जरूरतमंदों की हमेशा मदद करते थे। उन्होंने बताया कि बाबा रामदेव की ओर से शुरू किए गए रियलिटी शो ‘भजन रत्न’ का 31 जुलाई और एक अगस्त को पटना में ऑडिशन होना है। इस ऑडिशन में लच्छू महाराज बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने वाले थे लेकिन ईश्वर को ऐसा मंजूर नहीं था।