प्रति सामुदायिक शौचालय 4.70 लाख रुपये खर्च होने हैं। चार माह बीत जाने के बाद भी सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की प्रगति में सुधार नहीं हुआ। डीपीआरओ ने बताया कि कुछ दिन पहले निरीक्षण के दौरान सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा मिला था। चार महीने के दौरान चार फीट ऊंचाई तक दीवार बना हुआ मिला जबकि अब तक निर्माण पूरा हो जाना चाहिए। मौके पर निर्माण कार्य भी बंद मिला था। इसके लिए पंचायत सचिव को चेतावनी भी दी गई थी।
इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं मिला। सामुदायिक शौचालय के निर्माण में लगे श्रमिकों का तीन माह से पारिश्रमिक का भुगतान न किए जाने की भी शिकायत मिली थी। पारिश्रमिक के भुगतान के निर्देश भी दिए गए थे। फिर भी भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अन्य विकास कार्यों में भी रुचि नहीं लिए जाने की शिकायत मिली थी। इसके मद्देनजर कोटा गांव के पंचायत सचिव पंकज मौर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में पंकज को उन्होंने जिला मुख्यालय अपने कार्यालय से संबद्ध किया है।
आरोपों की जांच की जिम्मेदारी राबर्ट्सगंज के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कृपाशंकर शुक्ला को दी गई है। जांच अधिकारी को यथाशीघ्र आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।