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जाणता राजा के कलाकारों की कहानी: साल में 300 दिन काम, 65 दिन शिवाजी महाराज के नाम

Fri, 24 Nov 2023 03:53 PM IST
किरन रौतेला वैशाली मिश्रा, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जाणता राजा में छत्रपति शिवाजी के सेना के प्रमुख सैन्य कमांडर हंबीरराव मोहिते का किरदान निभाने वाले वैभव इवेंट प्लानर हैं। उनका कहना है कि शादी का सीजल्चल रहा है। इस पीक टाइम में भी मैंने काशी में होने वाले नाट्य मंचन में हिस्सा लेना ज्यादा जरूरी समझा। यहां आने के लिए मुझे कई ऑर्डर कैंसिल करने पड़े हैं।
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बीएचयू एम्फीथिण्टर मैदान में जाणता राजा के नाटक मंचन करते पुणे के कलाकार । - फोटो : रोहित सोनकर, संवाद
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विस्तार
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महानाट्य जाणता राजा में अलग-अलग किरदार निभाने वाले कलाकार 300 दिन काम करते हैं, बाकी उनके 65 दिन छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम रहते हैं। इन कलाकारों में कोई डॉक्टर है तो कोई इंजीनियर। शिक्षक और बिजनेसमैन भी शिवाजी की शौर्यगाथा को जीवंत बनाने में जीजान से लगे रहते हैं। ये सारे कलाकार जिस तरह अपने अभिनय से शिवाजी की छाप जन-जन के मन पर छोड़ते हैं, एक प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाते हैं। नाटक के प्रति इनका समर्पण भाव इतना है कि मंचन करने के लिए साल भर की अपनी छुट्टियों को बचाकर रखते हैं। नाटक की तारीख से पहले अपने सभी कामों को तय समय से पूरा कर लेते हं। नाट्य मंचन से एक सप्ताह पहले रिहर्सल में भी जुट जाते हैं...।

बिजनेस से समय निकाल महानाट्य में लेते हैं हिस्सा

जाणता राजा में छत्रपति शिवाजी का किरदार निभा रहे अभिजीत पाटने पुणे के रहने वाले हैं। पुणे में उनका ट्रेवल और कैटरिंग का बिजनेस है। उनका कहना है कि शादी का सीजन चल रहा है। कई ऑर्डर मिले हैं। काशी में नाटक के मंचन की वजह से कई ऑर्डर कैंसिल भी करने पड़े। लेकिन, जितने भी ऑर्डर लिए थे, सभी को समय से पहले ही पूरा कर लिया। अभिजीत पाटने बीते 14 साल से इस महानाट्य का हिस्सा हैं। आठ साल से वह छत्रपति शिवाजी का किरदार निभा रहे हैं।

एस्सार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं सुनील

पुणे निवासी सुनील बेहेरे एस्सार कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। वह पिछले 20 साल से इस महानाट्य का हिस्सा हैं और इस नाटक में वो अफजल खां की भूमिका निभाते हैं। उन्हें लंदन में भी इस नाटक के मंचन का मौका मिला। सुनील बताते हैं कि कई बार मुझे निजी जरूरी काम भी होते हैं, लेकिन मैं छुट्टी लेने से बचता हूं। क्योंकि, साल में एक से दो बार नाट्य मंचन के दौरान छुट्टियां लेनी पड़ती हैं। कई बार कंपनी की ओर से मिले लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने का प्रयास रहता है।

 

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जाणता राजा के नाटक मंचन करते पुणे के कलाकार - फोटो : संवाद

शादी के सीजन में भी इवेंट का काम छोड़ बन रहे महानाट्य का हिस्सा

जाणता राजा में छत्रपति शिवाजी के सेना के प्रमुख सैन्य कमांडर हंबीरराव मोहिते का किरदान निभाने वाले वैभव इवेंट प्लानर हैं। उनका कहना है कि शादी का सीजल्चल रहा है। इस पीक टाइम में भी मैंने काशी में होने वाले नाट्य मंचन में हिस्सा लेना ज्यादा जरूरी समझा। यहां आने के लिए मुझे कई ऑर्डर कैंसिल करने पड़े हैं। लाखों का नुकसान भी झेलना पड़ा। लेकिन, इस महानाट्य में हिस्सा लेना मैं सौभाग्य की बात समझता हूं। इसलिए यहां हूं।

28 साल से निभा रहे औरंगजेब का किरदार

जाणता राजा में 60 वषीZय डॉ. अजीत राव आप्टे औरंगजेब का प्रमुख किरदार निभा रहे हैं। ये उन्हें किरदार निभाते हुए 28 साल हो चुके हैं। वह जाणता राजा कार्यक्रम के मैनेजर भी हैं। उन्होंने बताया कि 60 साल की उम्र में भी मैं पूरी ऊर्जा के साथ नाट्य का किरदार निभा रहा हूं। इसमें मुझे मजा आता है। शिवाजी की शौर्य गाथा को दुनिया के सामने रखकर एक अलग ही अनुभूति होती है। 28 साल से किरदार निभा रहा हूं। सारे संवाद, सारे भाव याद हैं, लेकिन फिर भी मंचन से पहले पूरे शौक से अभ्यास करता हूं।

मंच के पीछे से भूमिका में शामिल होने का होता है एहसास

पुणे विश्वविद्यालय से बीटेक करने वाले हिमांशु जोशी अमेजन में इंजीनियर हैं। जब वो कक्षा आठ में थे तब बाल राजा यानी शिवाजी के बचपन का किरदार निभा रहे थे। बड़े होने के बाद सूत्रधार की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंच के पीछे तकनीकी का काम संभालते हुए भी मुख्य भूमिका में होने का अहसास होता है।
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