महानाट्य जाणता राजा में अलग-अलग किरदार निभाने वाले कलाकार 300 दिन काम करते हैं, बाकी उनके 65 दिन छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम रहते हैं। इन कलाकारों में कोई डॉक्टर है तो कोई इंजीनियर। शिक्षक और बिजनेसमैन भी शिवाजी की शौर्यगाथा को जीवंत बनाने में जीजान से लगे रहते हैं। ये सारे कलाकार जिस तरह अपने अभिनय से शिवाजी की छाप जन-जन के मन पर छोड़ते हैं, एक प्रोफेशनल्स की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाते हैं। नाटक के प्रति इनका समर्पण भाव इतना है कि मंचन करने के लिए साल भर की अपनी छुट्टियों को बचाकर रखते हैं। नाटक की तारीख से पहले अपने सभी कामों को तय समय से पूरा कर लेते हं। नाट्य मंचन से एक सप्ताह पहले रिहर्सल में भी जुट जाते हैं...।
बिजनेस से समय निकाल महानाट्य में लेते हैं हिस्सा
जाणता राजा में छत्रपति शिवाजी का किरदार निभा रहे अभिजीत पाटने पुणे के रहने वाले हैं। पुणे में उनका ट्रेवल और कैटरिंग का बिजनेस है। उनका कहना है कि शादी का सीजन चल रहा है। कई ऑर्डर मिले हैं। काशी में नाटक के मंचन की वजह से कई ऑर्डर कैंसिल भी करने पड़े। लेकिन, जितने भी ऑर्डर लिए थे, सभी को समय से पहले ही पूरा कर लिया। अभिजीत पाटने बीते 14 साल से इस महानाट्य का हिस्सा हैं। आठ साल से वह छत्रपति शिवाजी का किरदार निभा रहे हैं।
एस्सार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं सुनील
पुणे निवासी सुनील बेहेरे एस्सार कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। वह पिछले 20 साल से इस महानाट्य का हिस्सा हैं और इस नाटक में वो अफजल खां की भूमिका निभाते हैं। उन्हें लंदन में भी इस नाटक के मंचन का मौका मिला। सुनील बताते हैं कि कई बार मुझे निजी जरूरी काम भी होते हैं, लेकिन मैं छुट्टी लेने से बचता हूं। क्योंकि, साल में एक से दो बार नाट्य मंचन के दौरान छुट्टियां लेनी पड़ती हैं। कई बार कंपनी की ओर से मिले लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने का प्रयास रहता है।
शादी के सीजन में भी इवेंट का काम छोड़ बन रहे महानाट्य का हिस्सा
28 साल से निभा रहे औरंगजेब का किरदार
मंच के पीछे से भूमिका में शामिल होने का होता है एहसास