वृषभ एवं तुला राशि
जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह की प्रसन्नता के लिए गाय का घी, दूध, दही, शक्कर, चावल, आटा, मिश्री आदि का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार ही दान करें।
मिथुन एवं कन्या राशि
बुध की प्रसन्नता के लिए तिल, गुड़, मूंगफली और चावल से बनी वस्तुएं, घी, शक्कर, मूंग की दाल और इससे बने खाद्य पदार्थों का दान करें।
कर्क राशि
चंद्रमा की प्रसन्नता के लिए घी तथा दूध से बने हुए खाद्य पदार्थ का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। मोती, चांदी, सोना, धार्मिक ग्रंथ, शंख का दान, श्वेत वस्त्र तथा ऊनी वस्त्रों का दान करना जन्म कुंडली में चंद्र जनित दोषों से मुक्ति दिलाने तथा पुण्य वृद्धि में सहायक सिद्ध होगा।
सिंह राशि
इस राशि के स्वामी सूर्य देव है जो सभी ग्रहों और राशियों के भी स्वामी माने गए हैं। जन्म कुंडली में सूर्य जनित दोषों से मुक्ति तथा उनकी प्रसन्नता के लिए गुड़ और चावल से बने खाद्य पदार्थ, तिल और इससे बने सभी पदार्थ, और घी का दान करना श्रेष्ठ रहेगा।
मकर एवं कुंभ राशि
इस राशि के स्वामी सूर्यपुत्र शनिदेव हैं। इन्हीं की राशि मकर में सूर्य देव के आने से इतने बड़े महामुहूर्त का निर्माण हुआ है। जन्म कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव में कमी तथा शुभ प्रभाव में वृद्धि के लिए हर तरह के अनाज, काली गाय, काले वस्त्र आदि का दान करें।
धनु एवं मीन राशि
इस राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। इनकी की अशुभता में कमी और शुभता में वृद्धि के लिए दही, चावल, पीले रंग के खाद्य पदार्थ मिष्ठान आदि तिल और गुड़ से बनी सभी वस्तुएं, पीले अनाज, चने की दाल, पुखराज, सोना, कांस्य से बनी वस्तुओं का दान करने से जन्म कुंडली में बृहस्पति जन्म दोष शांत होंगे।