काशीपुराधिपति सपरिवार पांच मार्च को रंगभरी एकादशी पर काशी की गलियों में विचरण करने निकलेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत परिवार की परंपरा के अनुसार बाबा के गौना की बारात पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के वर्तमान आवास से ही निकलेगी। गौना के लिए इस बार मथुरा से खास 151 किलोग्राम अबीर गुलाल मंगाया गया है।
रंगभरी एकादशी के दिन परंपरा का निर्वहन पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी की देखरेख में होगा। इसके पहले और रंगभरी एकादशी के सभी कार्यक्रम महंत के मौजूदा आवास टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास में संपन्न होंगे। इस बार बाबा के गौने के लिए चंदन पाउडर, भस्म, फू लों और पत्तियों से बने हर्बल गुलालों की बोरियों का आर्डर दिया गया है।
भगवान शिव पंचबदन चल रजत प्रतिमाओं को रजत पालकी में सवार करके काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह तक लाया जाएगा। मंगल ध्वनि, डमरू और शंखनाद के बीच बाबा पालकी पर सवार होकर सपरिवार नगर भ्रमण पर निकलेंगे। महंत के टेढ़ीनीम स्थित आवास पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
रजत पालकी का हो रहा निर्माण
वाराणसी महंत आवास पर बाबा की रजत पालकी और सिंहासन के निर्माण के काम तेजी से चल रहा है। पूर्व मंहत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि दो दिनों में यह बनकर तैयार हो जाएगा। एकादशी पर बाबा विश्वनाथ इसी पालकी पर सवार होकर भक्तों के संग होली खेलेंगे।
महंत आवास के भूतल को हाल का स्वरूप दिया जा रहा है। हाल में ही शिवांजलि का कार्यक्रम होगा। बाबा विश्वनाथ, मां पार्वती, प्रथमेश संग दर्शन देंगे। पालकी यात्रा भी यहीं से निकलेगी और प्रतिमाओं को गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। शिवांजलि में पूर्वांचल के कई ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी हाजिरी लगाएंगे। संयोजन संजीव रत्न मिश्रा और संचालन कन्हैया दुबे केडी करेंगे।