श्री काशी विश्वनाथ धाम में खुदाई के दौरान मिले 16वीं शताब्दी के मंदिर के अवशेष को मंदिर प्रशासन ने अपने संरक्षण में सुरक्षित कर लिया है। मंदिर के इस टुकड़े की प्राचीनता पर पुरातत्वविदें ने भी मुहर लगा दी है।
शुक्रवार को कमिश्नर दीपक अग्रवाल, मंदिर के सीईओ गौरांग राठी और क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष यादव के साथ पुरातत्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। पुरातत्वविदें के अनुसार, यह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के समकालीन मंदिर का ही टुकड़ा है। इसका स्थापत्य 15वीं और 16वीं शताब्दी काल के मंदिरों के स्थापत्य से मिलता है। इसमें कलश और कमल के फूल स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
सीईओ गौरांग राठी ने बताया कि खुदाई में मिले टुकड़े को सुरक्षित रखवा दिया गया है। खुदाई के दौरान जो भी प्राचीन सामग्री मिलेगी, उसे संरक्षित किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही सारी चीजें स्पष्ट हो पाएंगी।
बृहस्पतिवार शाम को श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में स्थित शृंगार गौरी मंदिर के पश्चिम की ओर जेसीबी से खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान कलात्मक अवशेष मिला था। इस पर कमल दल और कलश की आकृतियां बनी हुई हैं।