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नियुक्ति: काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यास अध्यक्ष बने प्रो. नागेंद्र पांडेय, दो साल बाद शासन ने जारी की सूची

Thu, 09 Dec 2021 12:27 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

दो साल से रिक्त चल रहे काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों की सूची बुधवार को जारी कर दी गई। 
 
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प्रो. नागेंद्र पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष पद पर प्रो. नागेंद्र पांडेय को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही दो साल से रिक्त चल रहे अध्यक्ष और सदस्यों की सूची धर्मार्थ कार्य विभाग ने बुधवार की देर शाम जारी कर दी। काशी के विद्वानों को इसमें शामिल किया गया है। चयन की सूचना पर काशी के विद्वत समाज ने हर्ष जताया और बधाई दी है।  

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न्यास परिषद के अध्यक्ष पद पर नियुक्त प्रो. नागेंद्र पांडेय संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य हैं। वह सिद्धांत ज्योतिष एवं फलित ज्योतिष के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं सदस्य पद पर पं. दीपक मालवीय, पं. प्रसाद दीक्षित, प्रो. ब्रजभूषण ओझा, प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय और प्रो. के. वेंकटारमण घनपाठी को नियुक्त किया गया।
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अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से जारी पत्र के अनुसार अधिसूचना जारी होने के तारीख से न्यास परिषद के सदस्य पर तीन सालों के लिए नामांकन अधिसूचित किया गया है।

शिव के धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाएं होंगी केंद्र में

 काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर का भारतीय हिंदू सनातन परंपरा में मूर्धन्य शीर्ष स्थान है। बाबा की सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और मैं स्वयं को परम भाग्यशाली मानता हूं कि बतौर अध्यक्ष मुझे बाबा विश्वनाथ की सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। 

नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम में देश भर से श्रद्धालु बाबा का दर्शन करने के लिए आते हैं। मेरा प्रयास होगा कि काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। श्रद्धालु हंसते हुए आएं और हंसते हुए जाएं। बाबा विश्वनाथ की कृपा से धाम की भव्यता में और चार चांद लगेंगे।

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने नए अध्यक्ष प्रो. पांडेय और सभी सदस्यों को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने अध्यक्ष व सदस्यों को बधाई दी है। 

दो साल से रिक्त था अध्यक्ष का पद

काशी विश्वनाथ मंदिर में व्यवस्थापन के लिहाज से गठित विधायी संस्था न्यास परिषद के अध्यक्ष का पद दो साल से खाली चल रहा था। काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास में यह पहली बार था जब इतने लंबे समय तक न्यास अध्यक्ष व सदस्यों का पद रिक्त रहा है। न्यास परिषद के अध्यक्ष पद पर नियुक्त आचार्य अशोक द्विवेदी का कार्यकाल दिसंबर 2019 में ही खत्म हो गया था। पांच सदस्यों का पद साढ़े चार साल से रिक्त था।

दो इकाइयों का हुआ था गठन

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का यूपी शासन ने 1983 में अधिग्रहण करने के साथ दो इकाइयों का गठन किया था। इसमें पूजन-परंपरा की निगरानी समेत निर्णय लेने के लिए विधायी संस्था के तौर पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद बनाया गया।

इसमें शृंगेरी शंकराचार्य व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ ही वित्त, कानून एवं विधि परामर्शी, धर्मार्थ, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और सीईओ को मानद सदस्य बनाया गया। साथ ही पांच विद्वानों को बतौर सदस्य तीन-तीन वर्ष के लिए नामित करने का प्रावधान किया गया।
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बनती हैं भविष्य की योजनाएं

न्यास की बैठक में पिछले कार्यों का अनुपालन और भविष्य की योजनाएं बनती हैं। मंदिर का बजट तैयार किया जाता है। बजट पास करने में परेशानी, पिछले कामों का अनुपालन कौन देखेगा और भविष्य के कार्यों के संचालन का निर्देश कौन देगा। विद्वानों का कहना है कि न्यास के न रहने पर विधिक प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। न्यास की बैठक हर तीन माह पर अथवा जरूरत होने पर कभी भी बुलाई जा सकती है।
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