श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्राचीनता और नवीनता का अद्भुत संगम नजर आएगा। बाबा विश्वनाथ का दरबार काशी की प्राचीन गलियों से भी जुड़ेगा। इससे जहां श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, वहीं काशी की गलियों का आकर्षण भी बरकरार रहेगा। मंदिर प्रशासन ने बाबा दरबार की ओर से आने वाली सभी गलियों को श्री काशी विश्वनाथ धाम से जोड़ने का निर्णय लिया है। गलियों के शहर के नाम से मशहूर काशी को देश और दुनिया से लोग देखने आते हैं और इसके सम्मोहन से बच नहीं पाते हैं। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण के लिए पक्का महाल, नेपाली खपड़ा, लाहौरी टोला की संकरी गलियों को समाप्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों को यह आशंका थी कि बाबा के दरबार जाने वाली दूसरी गलियों को भी बंद कर दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि बाबा दरबार जाने वाली किसी भी पुरानी गली को बंद नहीं किया जाएगा। मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, डेढ़सी पुल, मान मंदिर, मीरघाट, कचौड़ी गली, नीलकंठ गली अब सीधे श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से जुड़ेंगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत गलियों के सुंदरीकरण का काम चल रहा है। इससे श्री काशी विश्वनाथ दरबार आने वाले श्रद्धालुओं को जहां एक तरफ भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन होंगे वहीं काशी की प्राचीनता को समेटे नवीन कलेवर में गलियां भी घूमने को मिलेंगी। गलियों में विराजने वाले देव विग्रहों के दर्शन होंगे। देखें अगली स्लाइड्स...।
गलियों का होगा सुंदरीकरण