वहीं पुजारी और सेवादार किसी भी श्रद्धालु को चंदन टीका नहीं लगा सकेंगे। साथ ही फूल-माला पहनने पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर के गर्भगृह में किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। झांकी दर्शन के तहत ही बाबा को जल चढ़ाया जा सकेगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि मंदिर को खोलने को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले बना दिए हैं। समय-समय पर परिसर को सैनिटाइज भी कराया जा रहा है।