श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए काशीवासियों के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे। परिसर में प्रवेश के लिए लग प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इससे स्थानीय श्रद्धालुओं को दिक्कत नहीं आएगी। सुरक्षा मानकों की छानबीन के बाद किसी भी काशीवासी को द्वार से प्रवेश मिल जाएगा। इसकी तैयारियां मंदिर प्रशासन ने शुरू कर दी हैं। अभी मंदिर परिसर में गंगा द्वार, ढुंढिराज, गेट नंबर चार और सरस्वती फाटक द्वार से प्रवेश दिया जाता है।
वहीं, मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन के रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने के लिए नया साफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। बाबा विश्वनाथ के धाम के लोकार्पण के बाद देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान बना दिया है। बाहरी श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण स्थानीय लोगों को दर्शन-पूजन में रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। करीब चार हजार नेमी दर्शनार्थियों को मंगला आरती के साथ ही मंदिर में पूजन के लिए कतारबद्ध होना पड़ता है। इसीलिए काशीवासियों के लिए मंदिर में अलग से कतार और प्रवेश द्वार के इंतजाम करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन अब व्यवस्था बनाने जा रहा है।
क्या बोले अधिकारी
काशीवासियों के लिए अलग से प्रवेश के इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से नेमी दर्शनार्थियों के साथ ही काशीवासियों को भी प्रवेश करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- कौशल राम शर्मा, मंडलायुक्त