यहां शस्त्रों के साथ केंद्रीय सुरक्षा और स्थानीय पुलिस के जवान अलग-अलग भूमिका में तैनात होंगे। इसके बाद स्कैनर के जरिए श्रद्धालुओं के सामानों की जांच की जाएगी। दो चरणों की जांच के बाद श्रद्धालु धाम में प्रवेश करेंगे। यहां गंगा घाट तक सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की तैनाती की जाएगी। मंदिर परिसर में सिविल ड्रेस में ही सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे।
काशी विश्वनाथ धाम में बने कंट्रोल रूम से भी पूरे परिसर की निगरानी की जाएगी। इसमें परिसर में लगे करीब 400 एचडी कैमरों से नजर रखी जाएगी और उसे कंट्रोल रूम में लाइव देखा जाएगा। इसके साथ ही वहां से सुरक्षाकर्मियों को समय समय पर निर्देश भी जारी किया जाएगा।