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Kashi Vishwanath Dham: जनवरी में 18 हजार VVIP ने प्रोटोकॉल से किए बाबा के दर्शन, बाकियों को देना पड़ा शुल्क

Sun, 04 Feb 2024 05:46 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी विश्वनाथ धाम में पहली जनवरी से प्रोटोकॉल में दर्शन के लिए नियम बदल गए हैं। ऐसे में 87 वीवीआईपी को छोड़कर बाकी को सुगम दर्शन का शुल्क देना पड़ रहा है। ऐसे में जनवरी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में औसतन रोजाना छह सौ वीवीवीआई पहुंचे।
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में नई व्यवस्था के तहत महीने भर में 18 हजार 350 श्रद्धालुओं वीवीवीआई प्रोटोकॉल के तहत बाबा का दर्शन पूजन किया। रोज औसतन छह सौ से साढ़े छह सौ वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से निर्धारित 87 वीवीआईपी को छोड़कर प्रोटोकॉल दर्शन करने वालों को सुगम दर्शन शुल्क देना पड़ रहा है।

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बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वीवीआईपी प्रोटोकॉल के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद मंदिर प्रशासन ने एक जनवरी से बदलाव किया था। इसके तहत केंद्र के 44 और राज्य सरकार के 43 वीवीआईपी को छोड़कर बाकी सभी वीवीआईपी को प्रोटोकॉल के तहत दर्शन के लिए सुगम दर्शन शुल्क देना है।

एक जनवरी से लेकर 31 जनवरी के बीच हर दिन छह सौ से साढ़े छह सौ वीवीआईपी ने प्रोटोकॉल के तहत बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन किया। शुल्क लगाने के बाद प्रोटोकॉल दर्शन में आधे से ज्यादा की कमी आई है। एक जनवरी से पहले प्रोटोकॉल में दर्शन करने वालों की संख्या कभी-कभी तो 13 से 14 सौ से अधिक पहुंच जाती थी। 
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नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी निखिलेश मिश्रा ने बताया कि प्रोटोकॉल के दुरुपयोग की शिकायत के बाद मंदिर प्रशासन ने यह बदलाव किया था।

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ये हैं मंदिर के वीवीआईपी

केंद्र सरकार- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, भूतपूर्व राष्ट्रपति, उपप्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, भारतरत्न धारक, सुप्रीम कोर्ट के जज, मुख्य चुनाव आयुक्त, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, उपसभापति राज्यसभा, डिप्टी सीएम, लोकसभा उपाध्यक्ष, संघ के राज्यमंत्री, अटार्नी जनरल, कैबिनेट सचिव, उपराज्यपाल, सेना प्रमुख, मान्यता प्राप्त असाधारण दूत और पूर्व मंत्री, विधानमंडल के अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, लेफ्टिनेंट जनरल, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष, एससी एसटी आयोग अध्यक्ष, संसद सदस्य, सेना कमांडर, भारत सरकार के सचिव, राष्ट्रपति के सचिव, मेजर जनरल, विश्वविद्यालय के कुलपति, राज्य सरकार के सचिव, कर्नल, महालेखाकार,न्यास परिषद अध्यक्ष, जेल महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, जिला व सत्र न्यायाधीश राज्य सरकार-राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, विधान परिषद के सभापति, विधानसभा अध्यक्ष, राज्यों के मंत्री, उपसभापति विधानपरिषद, उपमंत्री, महापौर, जिला परिषद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, संसद सदस्य, विधान परिषद व विधानसभा सदस्य, मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व परिषद, लेफ्टिनेंट जनरल, एडवोकेट जनरल, लोक सेवा आयोग अध्यक्ष, सदस्य राजस्व परिषद, अध्यक्ष लोकसेवा अधिकरण, कुलपति, राज्य सरकार के आयुक्त एवं सचिव, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, लोक सेवा आयोग सदस्य, सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद।
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