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काशी में किसान मेले का शुभारंभ: कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही बोले, अब किसान उद्यमी बनने की ओर अग्रसर

Sun, 04 Feb 2024 12:46 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय किसान मेले का शुभारंभ कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किया। मेले में छह राज्यों से चार हजार से अधिक किसान आए। देशभर के कृषि संस्थानों व निजी कंपनियों ने यहां प्रदर्शनी लगाई है।
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किसान मेले में संबोधित करते कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि देश की आत्मनिर्भरता में किसानों का अहम योगदान है। तकनीक और उनके मेहनत के बदलौती ही हम खाद्यन्न में आत्मनिर्भर होने के साथ निर्यात कर रहे हैं। वाराणसी से 15 माह में आठ सौ मीट्रिक टन फल, सब्जियों का निर्यात कर चुके हैं। आज किसान उद्यमी बनने की ओर अग्रसर हैं।

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शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय पूर्वोत्तर भारत के लिए लगे किसान मेले के उद्घाटन पर उन्होंने यह विचार रखे। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। इसलिए यहां विकास की संभावनाएं ज्यादा हैं। इसलिए किसान बदलते जलवायु के अनुकूल खेती पर जोर दें। इसके लिए कृषि संसाधनों में हो रहे शोध व अनुसंधान का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि

प्रदेश सरकार कृषि एवं किसान उपयोगी कार्यों को विस्तार दे रही है। प्रदेश में 23 सौ एफपीओ विकास कर रहे हैं। दिसंबर तक एक लाख सोलर पंप किसानों को दिया जाएगा। कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय खुलेगा।केवीके की स्थापना, विपणन प्रणाली में व्यापक सुधार, खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ाया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि आइसीएआर पूर्व सचिव एवं महानिदेशक डॉ. मंगला राय ने कहा कि पहले जितना आज भी खेती हो रही है, मगर सरकार की सफल रणनीति से हम समृद्ध हो रहे हैं। कृषि से 55 फीसदी आबादी का जीवन यापन और जीडीपी में 15 प्रतिशत योगदान का है। उन्होंने सेकेंडरी एग्रीकल्चर, जैविक फार्मिंग, सूक्ष्मजीवों के प्रसार पर जोर दिया। 
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उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, जैविक उत्पादों, खाद्यान्न भंडारण, कृषि विपणन, प्रसंस्करण एवं कृषि से स्वरोजगार जैसे मुद्दों पर चिंतन की जरूरत है, तभी इससे निपट सकते हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. तुषार कांति बेहेरा ने संस्थान द्वारा किसानों की हितों में लगातार कार्य किए जाने पर जोर दिया। आइसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. यूएस गौतम, सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडेय ने भी किसानों से संवाद किया और वर्त्तमान चुनौतियों से अवगत कराने के साथ इससे निपटने के तरीके भी बताए।

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प्रदेश में खुलेगा आलू का अंतरराष्ट्रीय संस्थान

कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही आलू का एक और अंतरराष्ट्रीय संस्थान आगरा में खोला जाएगा। इसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच सहमति बन गई है। 10 एकड़ जमीन की तलाश कर ली गई है। वहीं, कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय भी खुलेगा। इसके लिए बजट भी बन गया है।

मेले के उद्घाटन के पूर्व पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इसी माह में कृषि यंत्रों की सब्सिडी भेज दी जाएगी। साथ ही सोलर पंप के लिए ऑनलाइन आवेदन की एक सप्ताह की तिथि और बढ़ा दी गई है। किसान अगले सोमवार तक भर सकते हैं। मंत्री ने बताया कि रबी सीजन में इस बार गेहूं के साथ चना, सरसो और मसूर की भी खरीद होगी।

मोटे अनाज की प्रजातियों ज्यादा की गईं प्रदर्शित
मेले में मोटे अनाज पर सबसे ज्यादा स्टाल लगे लगे थे। विभिन्नतों के स्टालों पर मक्का, कोदो, सांवा, बाजरा, ज्वार आदि उत्पादों की प्रजातियां प्रदर्शित की गई थीं। इसके अलावा सब्जियों, फूलों, बीजों, नई तकनीक पर आधारित कृषि उपकरणों आदि लगे थे। पशुओं की चिकित्सा संबंधी स्टाल भी लगे थे। किसानों ने बीज खरीदे तो उनको इनके बारे में जानकारी दी गई।

पांच फीट की लौकी बना आकर्षक
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र गाजीपुर के स्टाल पर पांच फीट की लौकी आकर्षण का केंद्र बना था। केंद्र वैज्ञानिक अंकुश राय ने बताया कि यह नरेंद्र शिवानी प्रजाति की लौकी है, जो चार से आठ फीट तक होती है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रति हेक्टेयर में दो से ढाई सौ क्विंटल है।
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