संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संकायों में पाठ्यक्रम को जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया है। संभावना जताई जा रही है कि काशी विद्यापीठ में फरवरी के दूसरे सप्ताह में और संपूर्णानंद में मार्च के दूसरे सप्ताह में परीक्षाओं के लिए टाइमटेबल जारी किया जा सकता है।
कोरोना संक्रमण के कारण विश्वविद्यालयों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र विलंबित हो गया है। नियमों के तहत सेमेस्टर परीक्षाएं दिसंबर 2021 तक हो जानी चाहिए थीं लेकिन संक्रमण के कारण दिसंबर तक तो दाखिले की प्रक्रिया ही चल रही थी।
यूजीसी के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के 90 दिन बाद द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं कराई जाती हैं, ऐसे में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं देरी से होने के कारण द्वितीय सेेमेस्टर भी प्रभावित होगा। काशी विद्यापीठ में नई शिक्षा नीति के अनुसार प्रश्न पत्रों के स्वरूप के निर्धारण के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति प्रश्न-पत्रों का प्रारूप तैयार कर रही है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षा के लिए प्रश्न-पत्रों का निर्माण शुरू हो गया है। जनवरी के अंत तक प्रश्नपत्र तैयार हो जाएंगे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि शास्त्री-आचार्य की परीक्षाएं पूरे देश में एक साथ होनी है। ऐसे में कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर टाइम टेबल तैयार किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की ड्यूटी विधानसभा चुनाव में लगी हुई है। प्रशिक्षण भी जल्द शुरू होगा ऐसे में अब चुनाव बाद ही परीक्षा कराने पर विचार किया जाएगा। हालांकि परीक्षा की तैयारी चल रही है। दस मार्च के बाद परीक्षा समिति की बैठक प्रस्तावित है। इसमें परीक्षा के टाइम टेबल पर विचार किया जाएगा।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कोविड टीकाकरण अभियान के तहत टीके लगाए गए। प्रथम, द्वितीय एवं बूस्टर डोज लगाई गई। कुलपति प्रो. एके त्यागी ने कहा कि हर किसी को टीकाकरण में हिस्सा लेना चाहिए। कार्यक्रम समन्वय केके सिंह व नोडल अधिकारी पारिजात सौरभ रहे।