पांच दिन तक रिफंड का इंतजार करने के बाद जब बैंक से संपर्क किया तो वहां से बताया गया कि पैसा विद्यापीठ के मर्चेंट खाते में जमा हो गया है। उसके बाद से लगातार विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
25 अक्तूबर को फीस जमा करने की अंतिम तिथि है अगर समय से मुझे फीस रसीद नहीं मिली तो मेरा अगले सत्र में दाखिला लटक जाएगा। वहीं बिना फीस रसीद के छात्रवृत्ति के लिए भी आवेदन नहीं कर सकेंगे। ऐसे ही काफी संख्या में छात्र रोज फीस रसीद की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। जनसंपर्क अधिकारी प्रो. नवरत्न सिंह ने बताया कि छात्रों की समस्या का समाधान किया जाएगा।