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काशी विद्यापीठ ने दी थी भाई जी को मानद डॉक्टरेट की उपाधि

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नए युग के गांधी पद्मश्री डॉ. एसएन सुब्बाराव (भाई जी) की सेवाओं और उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने मानद डाक्टरेट की उपाधि दी थी। बुधवार को सुब्बाराव के निधन की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय परिवार में भी शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर शिक्षकों ने भाई जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सेवानिवृत्त प्रोफेसर श्रद्धानंद ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गांधीवादी विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. एसएन सुब्बाराव का विश्वविद्यालय से गहरा नाता था। महात्मा गांधी द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय होने के कारण उनका विद्यापीठ से बहुत जुड़ाव था। वह नए युग के गांधी के रूप में हर किसी के लिए प्रेरणास्त्रोत थे। उनकी सेवाओं और उपलब्धियों के सम्मान में काशी विद्यापीठ के तत्कालीन कुलपति प्रो. रामकुमार त्रिपाठी ने उन्हें 1995-96 सत्र में मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी थी। भाई जी ने काशी में 2002 में बाल आनंद मेले का आयोजन किया था। उन्होंने गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी थी और उनका पूरा जीवन सेवा को ही समर्पित रहा। वह आदिवासियों को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए अपनी टीम के साथ लगातार काम कर रहे थे। प्रो. डॉ. सुब्बाराव को 1995 में राष्ट्रीय युवा परियोजना को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार, राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार, जमनालाल बजाज पुरस्कार, महात्मा गांधी प्रेरणा सेवा पुरस्कार और राष्ट्रीय सद्भावना एकता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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