ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बहुत से हिंदू हमसे संपर्क कर रहे हैं। यह जानने के लिए कि हमने भी उस दौरान तिरुपति के लड्डू खाए हैं तो क्या हम भ्रष्ट हो गए? यदि हां तो प्रायश्चित क्या है? हम सूचित करना चाहेंगे कि धोखे से या जबरदस्ती से कराए गए कार्य धर्म की दृष्टि से न किए के बराबर होते हैं। तथापि भावशोधन के लिए शास्त्रानुकूल प्रायश्चित भी हम धर्मशास्त्रियों से परामर्श के बाद घोषित करेंगे।