आज से होगा बीमारियों से लड़ने की तकनीक पर मंथन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में महामारियों के डीएनए के डिफेंस मैकेनिज्म पर तीन दिन तक देश-विदेश के वैज्ञानिक मंथन करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस एडनेट 2023 के लिए वैज्ञानिकों के काशी आने का सिलसिला शुरू हो गया है। वैज्ञानिकों का काशी में भव्य स्वागत किया गया। बाबतपुर हवाई अड्डे से लेकर बीएचयू परिसर में हुई मेहमाननवाजी से सभी अभिभूत नजर आए।
बाबतपुर एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार को मेहमानों का स्वागत शहनाई और बैंड-बाजे के साथ किया गया। फूल बरसाकर, तिलक लगाकर और अंगवस्त्रम से वैज्ञानिकों की अगवानी हुई। एयरपोर्ट गेट पर डेलीगेशन ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। वैज्ञानिकों का काशी की संस्कृति से रूबरू कराते हुए जगह-जगह स्वागत किया गया। इटली, स्विट्जरलैंड और श्रीलंका से पहुंचे वैज्ञानिकों ने सारनाथ का भी दौरा किया। सारनाथ स्थित पुरातात्विक खंडहर परिसर में पहुंचे विदेशी वैज्ञानिकों ने कहा कि काशी प्राचीन सांस्कृतिक नगरी है। जितना सुना था यह उससे कहीं अधिक सुंदर है। पुरातात्विक खंडहर परिसर में सुबह करीब 11 बजे पहुंचे दल ने धर्मराजिका स्तूप, अशोक स्तंभ, प्राचीन मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के अवशेष देखने के बाद धमेख स्तूप पर बनी कलाकृतियों व उसके इतिहास को जाना। स्वागत से अभिभूत वैज्ञानिकों ने काशी के सांसद और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की।