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वाराणसी में सरकारी अस्पताल का हाल: बर्न वार्ड में आधे AC खराब, बिना प्लास्टिक सर्जन के हो रहा इलाज

Thu, 19 Sep 2024 02:22 PM IST
प्रगति चंद रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले के कबीरचौरा में स्थित मंडलीय अस्पताल में बर्न के मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां बर्न वार्ड में आधे एसी खराब हैं। इतना ही नहीं यहां बिना प्लास्टिक सर्जन के मरीजों का इलाज चल रहा है। 
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मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के बर्न वार्ड में खराब एसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों का जैसे तैसे इलाज किया जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ने का डर बना हुआ है। बुधवार को अमर उजाला की पड़ताल में अस्पताल के वार्ड नंबर तीन में लगे 10 एसी में से पांच खराब मिले। वार्ड नंबर दो में बने बर्न वार्ड में भी छह में से तीन एसी नहीं चल रहे हैं। यहीं नहीं भर्ती मरीजों का इलाज बिना प्लास्टिक सर्जन के हो रहा है।

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इस तरह की स्थिति तब है जब बर्न वार्ड को पूरी तरह से वातानुकूलित किया जाना चाहिए। मंडलीय अस्पताल में अलग-अलग घटनाओं में जलकर आने वाले मरीजों के इलाज के लिए वार्ड नंबर दो और वार्ड नंबर तीन को बर्न वार्ड के रूप में चलाया जा रहा है। इसमें तीन नंबर में 16 जबकि दो नंबर में 8 बेड पर मरीजों के उपचार की व्यवस्था है। दोनों जगहों को मिलाकर इस समय 17 मरीज भर्ती हैं। किसी तरह पंखा चलाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

सरकारी अस्पतालों में बीएचयू को छोड़कर केवल मंडलीय अस्पताल में ही बर्न वार्ड है। इस वजह से अन्य सरकारी अस्पतालों से भी यहीं पर मरीजों को रेफर किया जाता है। इसके बाद भी यहां भर्ती मरीजों को जिस तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रही हैं। सुविधाओं के अभाव में परिजन जैसे तैसे इलाज करवा रहे हैं।
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दस साल से खाली है प्लास्टिक सर्जन का पद

मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा का बर्न वार्ड - फोटो : अमर उजाला
मंडलीय अस्पताल में बर्न वाले मरीजों के इलाज के लिए यहां प्लास्टिक सर्जन का पद है, लेकिन यह दस साल से खाली चल रहा है। करीब दस साल पहले डॉ. एके प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद से कोई प्लास्टिक सर्जन नहीं मिल सका। अब जबकि बर्न वार्ड बनाया गया है और मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, ऐसे में यहां सर्जन के भरोसे ही इलाज कराया जा रहा है।

तीन दिन पहले भर्ती हुए हैं छह मरीज
ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर निकले जुलूस में शामिल झंडे के पाइप के नक्खीघाट रेलवे क्रांसिंग पर लगे ओएचई (ओवर हेड इलेक्टि्रक वायर) से टकराने के बाद लोगों को करंट का झटका लगा था। इस घटना में छह लोग झुलस गए थे। कोनिया, लाटभैरव निवासी छह युवकों को मंडलीय अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था। बुधवार की दोपहर में युवक के परिजन बर्न वार्ड में केबिन में अपने-अपने मरीज के साथ बैठे रहे। इसमें से एक की हालत गंभीर बनी है।

क्या कहते हैं अधिकारी
बर्न वार्ड में मरीजों की सुविधा के लिए एसी लगाए गए हैं। कुछ एसी पुराने हैं, धीरे-धीरे नए एसी भी लगवाए जा रहे हैं। प्लास्टिक सर्जन का पद लंबे समय से खाली है। इसके लिए समय-समय पर शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जाता है। -डॉ. एसपी सिंह, प्रमुख अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल
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