मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा का बर्न वार्ड
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मंडलीय अस्पताल में बर्न वाले मरीजों के इलाज के लिए यहां प्लास्टिक सर्जन का पद है, लेकिन यह दस साल से खाली चल रहा है। करीब दस साल पहले डॉ. एके प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद से कोई प्लास्टिक सर्जन नहीं मिल सका। अब जबकि बर्न वार्ड बनाया गया है और मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, ऐसे में यहां सर्जन के भरोसे ही इलाज कराया जा रहा है।
तीन दिन पहले भर्ती हुए हैं छह मरीज
ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर निकले जुलूस में शामिल झंडे के पाइप के नक्खीघाट रेलवे क्रांसिंग पर लगे ओएचई (ओवर हेड इलेक्टि्रक वायर) से टकराने के बाद लोगों को करंट का झटका लगा था। इस घटना में छह लोग झुलस गए थे। कोनिया, लाटभैरव निवासी छह युवकों को मंडलीय अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था। बुधवार की दोपहर में युवक के परिजन बर्न वार्ड में केबिन में अपने-अपने मरीज के साथ बैठे रहे। इसमें से एक की हालत गंभीर बनी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बर्न वार्ड में मरीजों की सुविधा के लिए एसी लगाए गए हैं। कुछ एसी पुराने हैं, धीरे-धीरे नए एसी भी लगवाए जा रहे हैं। प्लास्टिक सर्जन का पद लंबे समय से खाली है। इसके लिए समय-समय पर शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जाता है। -डॉ. एसपी सिंह, प्रमुख अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल