विसेन के उपचार संबंधी कागज
- फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि इस घटना से वह और उनका परिवार भयभीत है। इस संबंध में उनकी ओर से पटेल नगर के थानाध्यक्ष को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग गई है। पटेल नगर थाने की पुलिस ने आश्वस्त किया है कि प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र सिंह विसेन वाराणसी में ज्ञानवापी के अलावा लाटभैरव के साथ ही मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला जैसे अन्य मसलों को लेकर देश भर में 11 मुकदमों की पैरोकारी कर रहे हैं। ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े मुकदमों की पॉवर ऑफ अटॉर्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम करने की घोषणा करके भी वह सुर्खियों में थे। हालांकि, इसे लेकर ज्ञानवापी-मां शृंगार गौरी प्रकरण की ही चार अन्य वादिनी महिलाओं ने उन पर धमकाने सहित अन्य आरोपों में अदालत में मुकदमा भी दाखिल किया था।
ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर अदालती लड़ाई लड़ने वाला हिंदू पक्ष पिछले साल के मई महीने तक एकजुट था। मई महीने में ज्ञानवापी में एडवोकेट कमीशन की कार्रवाई के दौरान हिंदू पक्ष दो धड़े में बंट गया। अब एक धड़े में राखी सिंह और उनके पैरोकोर जितेंद्र सिंह विसेन हैं। वहीं, दूसरे धड़े में सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी के साथ ही उनके पैरोकार डॉ. सोहन लाल आर्य हैं।