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कोरोना कर्फ्यू: अक्षय तृतीया पर बनारस में नहीं खुलेंगी सराफा दुकानें, ऑनलाइन कर सकते हैं सोने की खरीदारी

Fri, 14 May 2021 12:10 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Akshaya Tritiya, jewelery shopping - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में कोरोना कर्फ्यू के कारण सराफा दुकानें नहीं खुलेंगी, लेकिन शहर के बड़े ज्वेलरी शोरूमों से ऑनलाइन ज्वेलरी और सोने के सिक्के की खरीदारी संभव है। अधिकतर ज्वेलरी शोरूमों पर सोने के सिक्के की ही आनलाइन बुकिंग हो रही हैं। सराफा कारोबारियों के अनुसार ग्राहक अपनी पसंद की ज्वेलरी को ऑनलाइन भुगतान करके बुकिंग कराएं और शोरूम खुलने पर डिलिवरी दी जाएगी।

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बहुत से लोगों ने मान्यता के अनुसार सिर्फ सोने के सिक्के खरीदने पर जोर दिया है। शहर के विभिन्न बड़े ज्वेलरी शोरूमों ने अपने ग्राहकों के लिए स्पेशल आफर भी दिए हैं। भेलूपुर स्थित ज्वेलरी शोरूम के अधिष्ठाता संतोष अग्रवाल ने बताया कि पुराने ग्राहकों ने संपर्क किया हैं।

ज्वेलरी को लेकर बहुत कम पूछताछ हुई है लेकिन सोने के सिक्के की अधिक मांग है। ग्राहक ऑनलाइन भुगतान कर सोने की खरीदारी को इच्छुक है, अक्षय तृतीया के दिन शुक्रवार को जिनका भुगतान आएगा, उनका सामान सुरक्षित रखा रहेगा। 17 मई को लॉकडाउन खत्म होते ही दुकान खुलने पर ज्वेलरी ग्राहकों को दे दी जाएगी।
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गोदौलिया के सराफा कारोबारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि दुकानें खुली होती तो अक्षय तृतीया का उत्साह कुछ दिखता। हालांकि बहुत से ग्राहकों ने आनलाइन खरीदारी से दूरी भी बना ली है। पिछले साल भी आनलाइन बिक्री की गई थी लेकिन वैसा माहौल इस बार नहीं है।

अक्षय तृतीया से होगी काशी के शिव मंदिरों में शुरुआत

धर्म की नगरी काशी में अक्षय तृतीया पर धार्मिक अनुष्ठान की परंपरा है। श्री काशी विश्वनाथ समेत सभी शिव मंदिरों में जहां शिवलिंग पर जलधरी का इंतजाम किया जाता है वहीं विष्णु के मंदिरों में चंदन का लेप किया जाता है।

वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया 14 मई को श्री काशी विश्वनाथ दरबार में जलधरी अर्पित किया जाएगा। वैशाख की तपिश से बाबा को राहत दिलाने के लिए जलधरी से पूरे दिन गंगाजल शिवलिंग पर टपकता रहेगा। जलधरी में गंगाजल सीधे गंगा से पाइप के जरिए आएगा। मंगला आरती से पहले ही जलधरी अर्पित की जाएगी। सावन मास की पूर्णिमा तक जलधरी तक सिलसिला जारी रहेगा।

नटवर नागर भगवान श्रीकृष्ण को पूरे 21 दिन तक चंदन की शीतलता का इंतजाम किया गया है। पीएसी के जवानों ने पाइप लगाकर जलधरी को अस्थायी टंकी से जोड़ दिया है। इसके अलावा शहर के सभी द्वादश शिवलिंग, शिवमंदिरों और पंचक्रोशी परिक्रमा पथ पर स्थित शिवमंदिरों में जलधरी अर्पित की जाएगी।
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अक्षय तृतीया पर किया गया दान व पुण्य का मिलता है अक्षय फल

अक्षय तृतीया पर भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की प्रसन्नता के लिए व्रत एवं उपवास रखा जाता है। इस तिथि पर किए गए सभी धार्मिक कृत्य, दान व पुण्य के कार्य अक्षय होते हैं। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि विष्णु धर्मोत्तर पुराण के लिए जो व्यक्ति अक्षय तृतीया का व्रत रखते हैं उसे सभी तीर्थों का फल प्राप्त हो जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त की मान्यता है।

इस दिन भगवान विष्णु, लक्ष्मीजी तथा कृष्णजी की पंचोपचार एवं दशोपचार अथवा षोडशोपचार पूजन का विधान है। शिवपुराण में वर्णन है कि भगवान शिव व माता पार्वती को मालती, मल्लिका, जया, चंपा एवं कमल के पुष्पों से पूजा-अर्चना कर मनुष्य के कोटि-कोटि जन्म के तन, मन और वचन से किए गए महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। अक्षय तृतीया शुक्रवार को प्रात: 5:39 पर लगेगी और 15 मई को 8 बजे सुबह तक रहेगी।
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