हिंदी बोलने, बतियाने व अपना काम अपनी भाषा में करने वाले उपभोक्ताओं को अंग्रेजी में बिल भेजा जाता है। पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम को यह याद रखना चाहिए कि राज्य की काम-काज की भाषा हिंदी है न कि अंग्रेजी।
इसके बावजूद अंग्रेजी में बिलों को छापने का काम अनुचित होने के साथ प्रदेश की राजभाषा हिंदी का अनादर भी है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को 14 सितंबर के पहले अंग्रेजी की जगह हिंदी में बिलों को छापने का निर्णय सार्वजनिक करना चाहिए।