संतान के दीर्घायुु की कामना के महान व्रत जीवित्पुत्रिका का कठिन व्रत गुरुवार को मनाया जाएगा। बुधवार को पूर्व संध्या पर फल और सब्जियों का बाजार सजा तो व्रती महिलाएं खरीदारी करती नजर आईं। इस कठिन व्रत को ग्रामीण क्षेत्रों में जीउतिया कहा जाता है। मान्यता है कि माताएं निराजल व्रत रहकर शाम को ईश्वर का प्रार्थना कर पूजा पाठ करती हैं।
पूजा में सभी प्रकार के फल फूल व सफेद लड्डू चढाने का विधान माना गया है। लोग सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक मात्रा में फल फूल पकवान और मेवा-मिष्ठान चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए दुकानदार बड़े पैमाने पर हर वर्ष इस पर्व विशेष के मौके पर दुकानें सजती हैं। इस बार फलों की पर्याप्त आवक न होने की वजह से फलों का बाजार भाव काफी ऊपर रहा। महिलाओं ने हालांकि महंगाई के बीच मोलभाव के बाद ही फलों को लिया।