मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंडोनेशिया सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। वहां से रामलीला करने वाले यहां आए तो उनसे मैंने पूछा कि आप मुस्लिम हैं। रामायण का पात्र बनने में कोई संकोच तो नहीं है।
उन मुस्लिमों ने कहा कि इस्लाम हमारी उपासना विधि है लेकिन राम हमारे पूर्वज हैं। उपासना बदलने से पूर्वज नहीं बदलते हैं। बुधवार को डोमरी में संत मोरारी बापू की रामकथा मानस मसान सुनने के बाद सीएम ने कहा कि दुनिया के देशों में होने वाली रामलीलाओं को यहां आमंत्रित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि इंडोनेशिया का राष्ट्रीय पर्व रामलीला है। वहां गणपति पर नोट छपते हैं। भगवान विष्णु की सवारी गुरुण को उन्होंने अपना एयरलाइंस बनाया है।
सुकर्णो, सुहावती, मेघावती, कर्णावती के नाम आदि हैं। श्रीलंका से भी रामलीला के पात्र यहां आए। प्रदेश सरकार अगले माह रामायण मेलों का आयोजन करेगी। इसमें छह देशों की रामलीलाएं शामिल होंगी। रामायण को चर्चा परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए।
काशी में रामकथा सुनने से जन्म और जीवन दोनों धन्य हो जाता है
मोरारी बापू
- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या ने दीपावली पूरे देश दुनिया को दिया है। जहां हम सबके लिए गर्व की बात है। जहां सरकार शामिल हुई और भव्य आयोजन हुआ तो सांप्रदायिकता का आरोप लगता है।
राम का संबंध अयोध्या के साथ साथ काशी से भी है। यहीं पर बजरंग बली तुलसीदास से मिले और रामचरित मानस की रचना के लिए प्रेरित किया था। तुलसी ने अवधी में इसकी रचना की।
चारों पुरुषार्थ रामकथा में है। काशी में रामकथा सुनने से जन्म और जीवन दोनों धन्य हो जाता है। रामकथा में प्रसंगों के माध्यम से जो भी दिशा निर्देश जारी होते हैं वह अनुकरणीय होते हैं।
रामराज्य की परिकल्पना साकार होगी। 2019 में कुंभ लगेगा। उसके पहले गंगा को अविरल बनाया जाएगा। मंच पर व्यासपीठ पर संत मोरारी बापू के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय और काशी राज परिवार के कुंवर अनंत नारायण सिंह मौजूद रहे।
आज बाबा देश चला रहे हैं
कथा में मौजूद भक्त
- फोटो : Amar Ujala
मंच पर योगी और बापू दोनों ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की। योगी ने कहा कि काशी देवाधिदेव विश्वनाथ की नगरी है। काशी का नेतृत्व पीएम करते हैं। बापू ने कहा कि हमारे आदरणीय पीएम जब मुख्यमंत्री थे तब साबरमती आश्रम में मानस महात्मा की रामकथा चल रही थी।
उस दौरान मैंने कहा कि मैं बाबा हूं तो पीएम भी बोले कि मैं भी बाबा हूं। आज बाबा देश चला रहे हैं। डोमरी में योगी गेरूआ वस्त्र में थे तो बापू सफेद वस्त्र में थे।
अमूमन कंधे पर काला शाल डालकर सफेद वस्त्र में रहने वाले बापू योगी के दिए गेरूआ अंगवस्त्र को प्रसाद मानकर गले में टांगा और कहा मैं भी गेरूआ पहनता हूं। बापू के गेरूआ पहनते ही जयश्री राम और हर हर महादेव के नारे लगे। बापू बोले अभी कथा के बाद मैं भी इसी वेश में हो जाऊंगा।