गंगा किनारे महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की चिताओं पर एक ओर प्रकृति के यज्ञ कुंड में पंचतत्व की आहुतियां डाली जा रही थीं तो गंगा पार डोमरी में रामजन्म के प्रसंग के अवसर पर दो रामभक्त मिल रहे थे।
बुधवार को मानस मसान की व्यास पीठ से संत मोरारी बापू रामजन्म की कथा कह रहे थे, गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां पहुंच गए। दोनों ने एक-दूसरे को गेरुआ अंगवस्त्र पहनाए।
इस दौरान मंद-मंद मुस्कुराहट के बीच दोनों ने एक-दूसरे को देखा और हजारों श्रद्धालुओं के बीच बोले बगैर बहुत कुछ संकेत दे दिए। जिस प्रकार भगवान शिव और भगवान राम एक-दूसरे की पूजा और आदर करते थे, ठीक उसी प्रकार बापू और योगी ने एक-दूसरे का सत्कार किया।
एक ओर नाथ संप्रदाय के गोरक्ष पीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे तो दूसरी ओर मानस प्रवचन के जरिए रामकथा को घर-घर पहुंचाने वाले संत मोरारी बापू थे। दोनों ने एक-दूसरे के राम काज का गुणगान किया। अयोध्या में त्रेता युग जैसी दीपावली मनाने के बाद योगी काशी में बापू की रामकथा सुनने आए थे।