फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#विश्व_साक्षरता_दिवस: अशिक्षा के कागज पर शिक्षा की स्याही, मिले बच्चों को मुफ्त में तालीम दिलाने वालों से

Tue, 08 Sep 2020 12:55 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विश्व साक्षरता दिवस 2020 - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

सवेरे-सवेरे, यारों से मिलने, बन-ठन के निकले हम। बादल सा गरजें हम, सावन सा बरसें हम, स्कूल चलें हम....। दूरदर्शन पर सुनाई देने वाला यह 4 मिनट का वीडियो हम सबको याद होगा। बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए सरकार द्वारा यह वीडियो तैयार किया गया था।

विज्ञापन

आज एक मुहिम ने बहुत हद तक गांव-गांव में भी बच्चों को शिक्षा से जोड़ दिया है। लेकिन आज भी शहर के कई क्षेत्रों में एक ऐसा तबका है जो आज तक शिक्षा से पूरी तरह से नहीं जुड़ पाया है। लेकिन शहर के कई ऐसे लोग हैं, जो इस तबके को भी शिक्षा से जोड़ने की मुहिम चलाकर उनके मुस्तकबिल को संवारने में जुटे हैं। आज विश्व साक्षरता दिवस पर हम वाराणसी के ऐसे ही लोगों से रूबरू होंगे जिन्होंने उनके अशिक्षा के कोरे कागज पर शिक्षा की स्याही से रंग भरा है।


पढ़ाने के साथ स्कूल में करा रहे दाखिला
शिक्षा के व्यवसायीकरण के दौर में गरीब परिवार के बच्चों को सेवा भाव से शिक्षित बनाने का जुनून समाज के लिए प्रेरणादायक है। राजातालाब के कचनार में ऐसा ही दंपती है जो पिछले 3 साल से गरीबों के बीच शिक्षा की अलख जगा रहा है। कचनार गांव के पूजा गुप्ता और उनके पति राज कुमार गुप्ता का मिशन गरीब से गरीब बच्चों को तालीम दिलाना है।
विज्ञापन


वर्तमान में उनकी कक्षा में 30 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई करते हैं। यह दंपती बच्चों को सिर्फ पढ़ाने का ही काम नहीं करते बल्कि बच्चों को स्कूल से भी जोड़ने का काम कर रहे हैं। इन्होंने विभिन्न विकास खंड के 500 से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने का काम किया है।

चार पहियों पर लगती है स्पेशल क्लास
उत्तर प्रदेश में हर बच्चे को शिक्षा मिले इसके लिए योगी सरकार की ओर से कोशिश जारी है। गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए शिक्षा एक्सप्रेस नाम से पहल शुरू की गई है, जो बनारस की सड़कों पर दौड़ रही है। शिक्षा एक्सप्रेस के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है।

शिक्षा एक्सप्रेस में छोटे बच्चों के साथ बड़े उम्र के लोग भी पढ़ाई करते हैं। नगर निगम की ओर से चलाई जा रही है शिक्षा एक्सप्रेस में स्मार्ट क्लास की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। चार पहियों पर चलने वाले एक्सप्रेस में ट्राई टू फाइट फाउंडेशन के युवा समाज के पिछड़े और वंचित लोगों को शिक्षा से जोड़ते हैं।
विज्ञापन

शिक्षा से मिटा रहे अशिक्षा का अंधकार
खोजवा के जीवनीपुर में चलने वाले साक्षर इंडिया फाउंडेशन के लिटरेसी लैब में समाज के गरीब तबके के बच्चों को पढ़ाया जाता है जो इसका खर्च नहीं उठा सकते। काशी विद्यापीठ समाजशास्त्र विभाग के प्रो. सुनील मिश्रा व उनकी पत्नी डॉ. स्वाति एस मिश्रा बच्चों को पढ़ाई कराने के साथ बेटियों को उच्च शिक्षा में सही मार्गदर्शन और रोजगार भी देते हैं।

साक्षर फाउंडेशन में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के शिक्षा के साथ पोषण का भी ख्याल रखा जाता है। वही इस दंपती ने अपने घर में निशुल्क बुक बैंक तैयार किया है जिसमें जरूरतमंद आकर तकरीबन हर तरह की किताबें पढ़ सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें