भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर बीते शुक्रवार को हस्ताक्षर हुआ। इसके तहत वाराणसी में अत्याधुनिक शिप रिपेयर फैसिलिटी विकसित की जाएगी। जहां क्रूज के साथ कार्गो व अन्य जहाजों की मरम्मत की जाएगी। यह पहल न केवल पूर्वी भारत के जल परिवहन नेटवर्क को मजबूती देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाएगी।
आईडब्ल्यूएआई के अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से नदी मार्ग पर चलने वाले जहाजों की मरम्मत आसानी से की जा सकेगी। इससे जहाजों का रुकने का समय कम होगा और परिचालन क्षमता बढ़ेगी।
अभी तक शिप रिपेयरिंग सेंटर समुद्र तट पर बनाए जाते थे, लेकिन पहली बार देश में नदी किनारे यह केंद्र बनाया जा रहा है। यहां पर ऑटोमेटेड कंट्रोलिंग मशीनों के जरिये क्रूज, कार्गो और अन्य जहाजों की मरम्मत होगी। इस केंद्र के बन जाने से बनारस ही नहीं बल्कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा।
आईडब्ल्यूएआई वाराणसी के निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि रामनगर में बन रहे इस केंद्र के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और आईडब्ल्यूएआई के बीच एमओयू हो गया है। अब इसके निर्माण में तेजी आएगी। इस केंद्र के निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को तो लाभ मिलेगा ही स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा।