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Varanasi News: जेल भेजा

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चंदौली। कांशीराम आवास आवंटन घोटाले में बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार तत्कालीन लेखपाल और अब चकिया में कानूनगो रामदुलार राम और अपात्र लाभार्थी बिहार निवासी हरेंद्र कुमार को जेल भेज दिया। इसके पूर्व मंगलवार को रसड़ा नगर पालिका के ईओ राजेंद्र प्रसाद और अंबेडकर नगर के एसडीएम सुनील वर्मा को कोर्ट में पेश किया गया था। यहां से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्याम बाबू की अदालत ने जेल भेजा था।
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कांशीराम शहरी आवास योजना के तहत चंदौली नगर पंचायत में 2011 में गरीबों के लिए सरकार की ओर से 40 आवास बनवाए गए थे। तत्कालीन ईओ राजेंद्र प्रसाद, नायब तहसीलदार सुनील कुमार बरनवाल, लेखपाल रामदुलार राम सहित अधिकारियों और हलका लेखपालों ने मिलीभगत से फर्जी कागजात तैयार करके अपने परिचितों को आवास आवंटित करा दिया था।
वर्ष 2013 में इस मामले में मुकदमा दर्ज न होने पर क्षेत्र के चंद्रमोहन सिह कोर्ट गए। कोर्ट के आदेश पर कुल 51 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में कार्रवाई न होने पर चंद्र मोहन सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 17 दिसंबर 2021 को जनहित याचिका दाखिल की थी। इसमें हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकारी वकील के जवाब से संतुष्ट न होने के बाद चीफ जस्टिस राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने आदेश जारी किया कि आवंटन घोटाले में संलिप्त अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्रवाई की जाए।
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कोर्ट ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। इनमें से ईओ राजेंद्र प्रसाद, पूर्व नायब तहसीलदार और वर्तमान में अंबेडरकर नगर के भीटी के एसडीएम सुनील कुमार बरनवाल, तत्कालीन लेखपाल अब चकिया में कानूनगो रामदुलार राम और बिहार के अपात्र लाभार्थी हरेद्र राम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
जनपद में चार साल तहसीलदार रहे बरनवाल
चंदौली। कांशीराम शहरी आवास आवंटन के घोटाले में आरोपी अंबेडकरनगर भीटी के एसडीएम सुनील कुमार बरनवाल जनपद चंदौली में चार साल तक रहे। सुनील बरनवाल 2008 से 2012 तक यहां नायब तहसीलदार रहे हैं। 2012 के बाद इनका स्थानांतरण बलिया हो गया। इसके बाद एसडीएम पद पर पदोन्नति पाई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अडिग हैं चंद्रमोहन
चंदौली। कांशीराम शहरी आवास योजना में घोटाला सुर्खियों में है। इसका श्रेय नगर के चंद्रमोहन सिंह को जाता है। उन्होंने बाला साहब ठाकरे से प्रेरणा लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है। हालांकि उन्हें डराया व धमकाया गया, लेकिन वह अडिग रहे। इंटरमीडिएट तक पढ़ाई करने वाले चंद्रमोहन सिंह ने मुख्यालय पर बुधवार को इस कठिन राह पर चलने का संकल्प फिर दोहराया। नगर पंचायत चंदौली के वार्ड 15 के पूर्व सभासद जसवंत सिंह व माता सुशीला सिंह कि तीन पुत्रों में दूसरे नंबर के पुत्र चंद्रमोहन जुझारू व्यक्ति हैं। उनकी जागरूकता के चलते ही नगर के कांशीराम शहरी आवास में हुए घोटाले में कार्रवाई शुरू की गई। चंद्रमोहन सिंह का कहना है कि कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और दबे-कुचले लोगों को इंसाफ मिलेगा। इसके लिए कभी भी पीछे नहीं रहूंगा।
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