बीएचयू में रविवासरीय गीता प्रवचन का सत्रारंभ रविवार को हुआ। इसमें पहुंचे कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने कहा कि आज के युग में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ानी होगी। सुझाव दिया कि पहली बार प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के इंडक्शन कार्यक्रम में गीता से संबंधित आयोजन शामिल हो। इससे उनमें शुरू से ही भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रति जुड़ाव विकसित होगा।
प्रो.हृदयरंजन शर्मा ने कहा कि ये महामना की शुरू कराई परंपरा है जो कि विद्यार्थियों के ओवरऑल पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए जरूरी है। मानित निदेशक प्रो. पतंजलि मिश्रा ने कहा कि इन दिनों बढ़ती भौतिक प्रतिस्पर्धा और तनाव की वजह से इन्सान कई तरह की मानसिक और शारीरिक कष्टों से जूझ रहा है। गीता ज्ञान से लोगों के कष्ट भी दूर होंगे। गुजरात के स्वामीनारायण गुरुकुल के अध्यक्ष सद्गुरु माधव प्रियदास ने कहा कि गीता के अध्ययन, मनन और उसके अनुसार जीवन जीने की जरूरत है। गीता समिति के सचिव प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि महामना ने पूरे विवि परिवार से सप्ताह में डेढ़ घंटे हर रविवार को गीता प्रवचन में आने के लिए अपने गुरु दक्षिणा में समय दान करने की अपील की थी। संचालन भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. शारदिंदु कुमार त्रिपाठी ने किया।