भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का वाराणसी सिल्क ट्रेड एसोसिएशन ने स्वागत किया है। अध्यक्ष वैभव कपूर ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था, विशेषकर वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के लिए यह ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है। इस समझौते के अंतर्गत यूरोपीय बाजार में भारत को वस्त्र एवं परिधान आयात बाजार में शून्य शुल्क प्राप्त होगा, जो भारतीय निर्यातकों के लिए नए द्वार खोलेगा।
यह समझौता न केवल देश के बड़े वस्त्र निर्यातकों को लाभ पहुंचाएगा बल्कि पारंपरिक और श्रम-प्रधान उद्योगों को भी सशक्त करेगा। विशेष रूप से वाराणसी के प्रसिद्ध हथकरघा, बनारसी रेशम, साड़ी एवं सिल्क आधारित हस्तशिल्प उद्योग इस समझौते से अत्यंत लाभान्वित होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, एमएसएमई इकाइयों और युवा उद्यमियों के लिए निर्यात के नए अवसर सृजित होंगे। रोजगार में वृद्धि होगी।महामंत्री मनीष जैन ने बताया कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया के संकल्प को वैश्विक मंच पर मजबूती प्रदान करेगा।